बिजनौर का दावा :
सीडीओ ने बिजनौर में शौचालय को सबसे पहले दिया था नाम
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बिजनौर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत बिजनौर जिले में चलाए जा रहे खुले में शौच मुक्त अभियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिल जीत लिया। इस अभियान से बिजनौर जिला प्रधानमंत्री के मन में बस गया है। मन की बात में प्रधानमंत्री ने मुबारकपुर कला गांव के बिना सरकारी सहायता के खुले में शौचमुक्त होने पर खुले दिल से प्रशंसा की थी। अब बनारस में अपनी सभा के दौरान गांव में बन रहे शौचालयों को इज्जतघर नाम की भी प्रधानमंत्री ने खुलकर जिक्र किया है। शौचालयों को इज्जतघर नाम बिजनौर के सीडीओ डा.इंद्रमणि त्रिपाठी ने दिया था। इज्जतघर अब पूरे सूबे में शौचालयों पर लिखा जा रहा है।
जिले को खुले में शौचमुक्त कराने के लिए चलाए जा रहे अभियान में सीडीओ डा.इंद्रमणि त्रिपाठी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वे इस अभियान में पूरी ताकत के साथ लगे हैं। हल्दौर ब्लॉक के गांव मुबारकपुर कला को बिना सरकारी सहायता के खुले में शौचमुक्त करा दिया। इसके अलावा कई और गांवों को खुले में शौचमुक्त कराने की कवायद चल रही है। 25 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में गांव मुबारकपुर को खुले में शौचमुक्त कराने का खुलकर जिक्र किया था। बिजनौर के सीडीओ डा.इंद्रमणि त्रिपाठी ने गांव में सरकारी सहायता से बनाए जा रहे शौचालयों का नाम इज्जतघर दिया है। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनारस में अपनी सभा में कहा कि उन्हें एक गांव में शौचालय की ईंट रखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। गांव में बने हुए शौचालयों को उन्होंने देखा तो उन पर इज्जतघर लिखा हुआ है। उन्हें यह देखकर बहुत खुशी हुई। उन्होंने कहा कि शौचालय वास्तव में इज्जतघर ही होता है। उन्होंने शौचालय को इज्जतघर नाम देने पर प्रदेश सरकार की तारीफ की। योगी आदित्यनाथ की सरकार ने भी इस नाम को खूब पसंद किया है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खुले मंच से इज्जतघर नाम की प्रशंसा करने से जिले के अफसर गदगद हैं। सभी अफसर एक साथ मिलकर सीडीओ डा. इंद्रमणि त्रिपाठी की प्रशंसा कर रहे हैं। सीडीओ की बदौलत जिले का नाम भी रोशन हुआ है।