फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जीएसटी में असमंजस के भंवर में फंसा अमरोहा का ढोलक कारोबार

विज्ञापन
विज्ञापन
कारोबारियों को नहीं मिल पा रही जीएसटी की सही गाइड लाइन
विज्ञापन

ट्रांसपोर्ट बंद होने से बड़े कारोबारियों को नहीं मिल पा रहा छोटे कारोबारियों का सहयोग

कपिल कांत शर्मा
अमरोहा।
अमरोहा का नाम आए और उसकी ढोलक का जिक्र न हो ऐसा नहीं हो सका। अमरोहा की ढोलक की गूंज देश भर में है। लेकिन इन दिनों जीएसटी के भंवर में अमरोहा के ढोलक की गूंज गुम हो गई है।
ढोलक के कारोबार से भी अमरोहा, भारत देश में अपनी अलग साख बनाए है। देश में जीएसटी लागू होने के बाद अमरोहा का ढोलक कारोबार असमंजस के भंवर में फंस कर रह गया है। अन्य प्रांतों व जिलों से माल की डिमांड पर ब्रेक लग गया है। यहां बताते चलें कि जीएसटी में हिन्दुस्तान के हस्त निर्मित वाद्य यंत्र कर मुक्त किए गए हैं। वाद्य यंत्र में ढोलक को भी रखा गया है या नहीं? इसको लेकर कारोबारी असमंजस में हैं। इसके अलावा जीएसटी नंबर लागू नहीं होने कारोबारियों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है कि वह कर दायरे में हैं या नहीं ? कारोबारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। यहां छोटे बड़े करीब डेढ़ सौ कारोबारी हैं।
विज्ञापन


ढोलक के इन वाद्य यंत्रों की देश भर में चर्चा
अमरोहा। ढोलक कारोबार देश भर के अधिकतर प्रांतों में धूम मचाए है। यहां ढोलक के अलावा तबला, डमरु, पखावज, मृदंग, ढोलनी आदि तैयार कर अन्य प्रांतों के व्यापारियों को बेचा जाता है। गंगा मेलों व नुमाइशों में भी अमरोहा की ढोलक नजर आती है।

निर्यातक भी नहीं उठा रहे माल
अमरोहा के बड़े ढोलक कारोबारियों से दिल्ली, मुंबई, पंजाब, गुजरात, राजस्थान के बड़े निर्यातक ढोलक का माल उठाते हैं, जो विदेश जाता है, कारोबारियों का कहना है कि जीएसटी लागू होने के बाद कर को लेकर बड़े व्यापारियों से लेकर छोटे कारोबारी व व्यापारियों में असमंजस की स्थिति बन गई है, स्पष्ट नहीं हो सका है इस कारोबार पर कर लगेगा या नहीं, कर लगेगा तो कितना। जीएसटी लगने के बाद निर्यातक भी चुप बैठ गए हैं।


ट्रांसपोर्ट बंद होने से माल की डिमांड पर लगा ब्रेक
जीएसटी नंबर लागू नहीं हुआ है, ट्रांसपोर्ट की सुविधा बंद है, छोटे व्यापारियों का सहयोग नहीं मिल पा रहा है, संबंधित विभाग के अधिकारी छोटे व्यापारियों का सहयोग करें और उन्हें जीएसटी को लेकर उत्पन्न भ्रम को दूर करें, तब ही कारोबार लाइन पर आ सकेगा।
- हाजी महबूब, ढोलक कारोबारी।

कर के दायरे में ढोलक है या नहीं ? स्पष्ट हो
जीएसटी में हिन्दुस्तान हस्त निर्मित वाद्य यंत्रों को कर मुक्त किया गया है, अभी कारोबारियों में यही भ्रम बना हुआ है कि वाद्य यंत्रों में ढोलक को कर मुक्त किया गया है या नहीं, वाणिज्यकर विभाग भी स्पष्ट नहीं कर रहा है, जिससे कारोबार पर ब्रेक लग गया है।
- बनवारी लाल, ढोलक कारोबारी।

कर लागू हुआ तो कारखानों में पड़ जाएंगे ताले
यहां ढोलक के खोल की खरीदारी के लिए बाराबंकी, लखनऊ, देवा शरीफ, बोंडा-बैराज आदि शहरों से छोटे व्यापारी आते हैं, जीएसटी के बाद इन व्यापारियों के आने पर ब्रेक लग गया है, एक तो पहले से ही शीशम की लकड़ी नहीं मिलने पर पॉपुलर की लकड़ी से खोल बनाये जा रहे हैं, यदि इस पर भी कर लग गया तो कारखानों में ताले लग जाएंगे। ढोलक का कारोबार ठप हो जाएगा।
विज्ञापन

- नईम अहमद, ढोलक के खोल बनाने वाला कारोबारी।

मेलों में दुकानदार खरीदारों को कैसे दें टिन नंबर
अमरोहा की ढोलक अन्य प्रांतों व जिलों में तो जाती ही है, आसपास के गंगा मेलों में भी छोटे व्यापारी दुकानें लगाते हैं व्यापारी माल नहीं उठा रहे हैं, क्योंकि दुकानदार ग्राहकों को टिन नंबर कैसे दे और भी कई भ्रम की स्थिति बनी हुई हैं। वाणिज्यकर अधिकारी भी स्थिति स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं।
- कमर आलम, ढोलक कारोबारी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें