जून माह में 117 गांवों में शिविर लगाने का सौंपा था लक्ष्य, 92 में लगाकर पूरे की भेजी रिपोर्ट
फर्जी आंकड़े भिड़ाकर उच्चाधिकारियों के अलावा शासन तक को अफसरों ने किया भ्रमित
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
बिजली विभाग के अफसरों का एक और कारनामा सामने आया है। कागजी घोड़े दौड़ाकर उन्होंने जून माह में लगाए शिविरों की संख्या पूरी कर दी है। डीएम के आदेश पर कराई गई जांच में यह खुलासा हुआ है। हैरानी की बात ये है कि फर्जी आंकड़े भिड़ाकर तैयार की गई रिपोर्ट को उच्चाधिकारियों व शासन तक भेज दिया है। खेल के पकड़ में आते ही जिलाधिकारी ने बिजली अधिकारियों को हिदायती पत्र जारी किया है। साथ ही सीडीओ को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि उन गांवों में शिविर लगवाए जाएं, जहां नहीं लगे हैं।
जून माह में विभाग को जनपद के 117 गांवों में बिजली के शिविर लगाने का लक्ष्य सौंपा गया था। इनमें उपभोक्ताओं से बिल की वसूली की जाती और बिलों की गड़बड़ी को भी ठीक किया जाता। इसके अलावा नए लोगों को कनेक्शन देकर विभाग का उपभोक्ता बनाया जाता, लेकिन कुछ गांवों में शिविरों का आयोजन कर विभागीय अधिकारियों ने कागजी घोड़े दौड़ाते हुए लक्ष्य को हासिल कर दिया।
फर्जी तरीके से रिपोर्ट तैयार की। जिसे उच्चाधिकारियों के अलावा शासन तक भेजा गया। चूंकि शासन को कैंप न लगने की शिकायत मिली थी, जिस पर उसने डीएम को जांच कराने के आदेश दिए थे। जिलाधिकारी ने सीडीओ को जिम्मेदारी सौंप दी थी। सीडीओ ने ग्रामीण पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कर्मियों को सत्यापन के लिए आदेशित कर दिया। प्रधानों के अलावा ग्रामीणों के मोबाइल नंबरों पर बातचीत करने के लिए कहा। इस पर जिला सलाहकार भूजल विज्ञानी एवं जल गुणवत्ता इरफान खान ने जांच की। इसमें 117 में से 92 गांवों में ही शिविर लगने की पुष्टि हुई, जबकि 25 में नहीं लगना पाया गया। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने बचे गांवों में कैंपों के आयोजन को निर्देशित किया है।
इन गांवों में नहीं लगे शिविर
यकबगड़ी, फकरपुर, फैयाजनगर, अगरौला कला, नवाबपुर भूड़, सुल्लड़माफी, आजमपुर, चंदनपुर, ओगारपुर, डींगरा, झुझैला चक, शेरगढ़, सदरपुर, बेरखेड़ा, बड़पुरा, गलसुआ, अंधेरी सादात, सैदपुर, मूढ़ाखेड़ा खादर, तोमड़ा, मुकारमपुर, करनपुर माफी, चौहड़पुर भगत, पपसरा बंगर, मलेशिया।