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Bijnor News: परिषदीय स्कूलों में 213 विद्यार्थियों को पढ़ा रहे 18 शिक्षक

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नजीबाबाद के मो.अमीखानपुर के परिषदीय स्कूल में पढ़ते विद्यार्थी। - फोटो : NAZIBABAD
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परिषदीय स्कूलों में 213 विद्यार्थियों को पढ़ा रहे 18 शिक्षक
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एजाज अहमद
नजीबाबाद। ग्राम पंचायत मो. अमीखानपुर उर्फ जट्टीवाला छह परिषदीय स्कूलों में पंजीकृत 213 विद्यार्थियों को शिक्षा देने के लिए 18 शिक्षक तैनात हैं। विद्यार्थियों की कम संख्या विभाग के लिए चुनौती बनी हुई है।
जट्टीवाला उत्तराखंड सीमा पर स्थित नजीबाबाद तहसील की ग्राम पंचायत है। करीब तीन हजार की आबादी पंचायत के जट्टीवाला, मेदूवाला और चौहड़खाता मौजे में हैं। जट्टीवाला की आबादी लगभग 1800 है, जबकि मेदूवाला और चौहड़खाता क्षेत्र में करीब 1200 की आबादी है। अधिकांश ग्रामीण डेरों के रूप में रहते हैं। पंचायत में बेसिक शिक्षा विभाग के तीन प्राथमिक और तीन पूर्व माध्यमिक स्कूल और एक राजकीय हाईस्कूल है। शिक्षकों के वेतन पर प्रतिमाह लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद छह परिषदीय स्कूलों में मात्र 213 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। प्राथमिक विद्यालय जट्टीवाला में 36 पंजीकृत विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए छह शिक्षक, पूर्व माध्यमिक स्कूल में 26 विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए दो शिक्षक, प्राथमिक विद्यालय मेदूवाला में 37 विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए तीन शिक्षक, पूर्व माध्यमिक स्कूल में 35 विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए एक शिक्षक, प्राथमिक विद्यालय नया गांव में 54 विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए चार शिक्षक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय नया गांव में 25 विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए दो शिक्षक तैनात है।
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ग्राम पंचायत के स्कूलों में कम विद्यार्थी पंजीकृत होने के कई कारण हैं। इनमें डेरों के रूप में रह रहे अधिकांश परिवारों के बच्चों का परिजनों के साथ आसपास के क्षेत्र में रहना, क्षेत्र में अंग्रेजी माध्यम के स्कूल न होना और शिक्षकों का प्रवेश संख्या बढ़ाने के प्रति गंभीर न होना मुख्य है। ग्राम पंचायत में काफी समय पूर्व बनाया गया स्वास्थ्य केंद्र शुरू न होने से वर्तमान में स्वास्थ्य केंद्र का भवन खस्ताहाल है।
मो. अमीखानपुर सीमांत ग्राम पंचायत है। हाईस्कूल और इंटर की शिक्षा व्यवस्था नहीं है। अभिभावक बेहतर शिक्षा के लिए अपने बच्चों को बाहर भेजते हैं - सतविंदर सिंह पोप, ग्राम प्रधान, अमीखानपुर
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क्षेत्र के भौतिक परिवेश और डेरे में रहने वाले क्षेत्रीय निवासियों के ठहराव सामान्य न होने से छात्र संख्या कम रहती है। सीडीओ पूर्ण बोरा के निर्देशन में सीमांत गांवों के शैक्षिक उन्नयन और छात्र संख्या बढ़ाने के प्रयास जारी हैं - प्रीति पाल, बीईओ, नजीबाबाद।
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