अमरोहा। देहात इलाके में शौचालय के लिए फार्म की पड़ताल शुरू होगी। इसके लिए एडीओ को जांच अधिकारी नामित किया गया है। डोर-टू-डोर पात्रता का चयन करेंगे। विभिन्न ग्राम सभाओं से 9509 लोगों ने शौचालय के लिए फॉर्म जमा किए है।
जिले को खुले में शौच से मुक्ति के लिए प्रत्येक परिवार में शौचालय की अनिवार्यता है। इसके लिए सरकार की तरफ से अनुदान मिलता है। ताकि खुले में शौच की प्रवृत्ति से छुटकारा मिल जाए। जिले में कुछ ऐसे भी परिवार हैं जिनके पास शौचालय नहीं है लेकिन वह पात्रता की श्रेणी में आते हैं। हालांकि पहले बीपीएल की अनिवार्यता से चयन नहीं हो सका। ऐसे परिवार के चिन्हांकन के लिए विशेष बेसलाइन सर्वे शुरू हुआ। इसके तहत लघु सीमांत किसान, भूमिहीन, दिव्यांग, परिवार की मुखिया महिला, अनुसूचित जाति का परिवार इसके साथ बीपीएल कार्ड धारक का चयन होना था। पंचायती राज विभाग ने ऐसे लोगों से फॉर्म जमा करने को कहा। जिनके घरेें में शौचालय नहीं है और बनवाने में असमर्थ हैं। निर्धारित अवधि छह नवंबर तक जिले के विभिन्न विकास खंडों से 9509 लोगों ने फॉर्म जमा किए। अब पंचायती राज विभाग ऐसे परिवार के दावों की सत्यता परखने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। न्याय पंचायत स्तर पर जिला स्तरीय अधिकारियों को तैनात किया गया है जो नोडल अधिकारी है। डीपीआरओ विमल कुमार ने बताया कि फॉर्म को ब्लॉक मुख्यालय में भेजा जा रहा है। अधिकारियों को पड़ताल करने का निर्देश है। पात्र पाए जाने पर लाभार्थियों की सूची तैयार होगी।
यह है ब्लॉकवार संख्या
ब्लॉक-फॉर्म
गंगेश्वरी-4716
धनौरा-1425
गजरौला-1184
अमरोहा-829
जोया-803
हसनपुर-552
लाभार्थियों को मिलेंगे 12 हजार
अमरोहा। शौचालय बनाने के लिए लाभार्थी को दो किस्त में 12 हजार रुपये मिलेंगे। पहली किस्त छह हजार रुपये में गड्ढा खुदाई और लैट्रिन शीट लगाना है। जबकि निर्माण पूरा कराना है और एक महीना इस्तेमाल के बाद अंतिम किस्त का भुगतान होगा।