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छोइया नदी को मिलेगा जहरीले पानी से छुटकारा

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बिजनौर। छोइया नदी को अब जहरीले पानी से छुटकारा मिल सकेगा। जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह के छोइया नदी के जहरीले पानी का मुद्दा उठाने पर केंद्रीय नदी विकास मंत्री सत्यपाल सिंह की आंखें खुल गई। उन्होंने छोइया नदी के जहरीले पानी से लोगों को जल्दी मुक्ति दिलाने की हुंकार भर दी है। मंत्री ने छोइया नदी प्रकरण की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर अधिकारियों से तलब की है। मंत्री के कड़े रुख से छोइया नदी के जहरीले पानी से जल्द निजात मिलने की उम्मीद बंधी है।
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जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह ने आरवीआईटी संस्थान के वार्षिक अधिवेशन में आए मानव संसाधन राज्यमंत्री व नदी विकास मंत्री सत्यपाल सिंह के समक्ष छोइया नदी का पानी जहरीला होने का मामला प्रमुखता से उठाया है। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि छोइया नदी के जहरीले पानी ने छोइया के आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों की नस्ल बदल दी है। नदी का गंदा जहरीला पानी घरों के हैंड पंपों में आ रहा है। जहरीली वायु से लोगों का सांस लेना मुश्किल हो रहा है। लोग कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की चपेट में हैं। अनेक लोगों की इस घातक बीमारी से मौत हो गई है। वायु प्रदूषण से आंखें की बीमारी लगातार बढ़ रही हैं। जिले के किसानों का मुख्य पेशा खेती है। इसके लिए किसान दुधारू पशु पालता है। छोइया नदी का जहरीला पानी पीने से पशु गंभीर बीमारियों की चपेट में हैं। इन पशुओं का दूध पीने से नवजात शिशुओं के रोगग्रस्त होने का खतरा बना है। आए दिन पशु मर रहे हैं। किसानों की पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है।
गंगा को जहरीला बना रही छोईया नदी
बिजनौर। जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि छोइया नदी का जहरीला पानी गंगा में जा रहा है। गंगा पावन नदी है। केंद्र ने गंगा को निर्मल बनाने का बीड़ा उठाया है। छोइया जैसी जहरीले पानी वाली नदियां गंगा निर्मल अभियान में बाधक हैं। गंगा की निर्मलता के लिए छोइया नदी को जहरीले पानी से मुक्ति दिलाना जरूरी है। जिला पंचायत अध्यक्ष के छोइया नदी के जहरीले पानी से मुक्ति दिलाने के मुद्दे का मौजूद लोगों ने हाथ उठाकर समर्थन किया।
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ट्रीटमेंट प्लांट बने शोपीस
बिजनौर। जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह ने राज्यमंत्री को बताया कि छोइया नदी के किनारे कई फैक्ट्रियां हैं। फैक्ट्री का केमिकल युक्त गंदा पानी छोईया नदी में आ रहा है। फैक्ट्री मालिक ट्रीटमेंट प्लांट लगा होने की बात कह रहे हैं। उन्होंने पूछा कि जब फैक्ट्री में ट्रीटमेंट प्लांट लगे हैं तो गंदा पानी छोइया में कहां से आ रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष के इस सवाल पर लोगों ने कहा कि ट्रीटमेंट प्लांट महज शोपीस है। ये काम नहीं कर रहे हैं। फैक्ट्री मालिक शासन प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं।
जांच दबवा लेते हैं फैक्ट्री मालिक
बिजनौर। छोइया नदी का पानी प्रदूषित होने के मामले में प्रदूषण विभाग पर भी लोगों ने जमकर तंज कसे। आरोप लगाए कि प्रदूषण अधिकारी फैक्ट्री मालिकों से हमसाज हैं। साकेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि फैक्ट्री मालिकों की जेब भारी हैं। कई बार जांच आ चुकी है। मालिक जांचों को दबवा लेते हैं। जिला प्रशासन कबूतर की तरह आंख मूंदे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष ने छोइया प्रकरण में आर पार की लड़ाई का एलान किया है।
अधिकारियों को लिया आड़े हाथ
बिजनौर ।केंद्र के नदी विकास मंत्री सत्यपाल सिंह ने जिला पंचायत अध्यक्ष को भरोसा दिया है कि छोईया नदी का पानी जहरीला होने के मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। गंगा व हिंडन नदी को निर्मल बनाने के साथ छोईया नदी को निर्मल बनाने की प्रक्रिया में शामिल करेंगे। साकेंद्र प्रताप सिंह छोइया का पूरा प्रकरण उनके पास भेजें। अधिकारियों को आड़े हाथ लेते हुए राज्यमंत्री ने कहा कि वे अपना रवैया बदलें। अधिकारियों की शिथिलता को लेकर वह शीघ्र अधिकारियों की बैठक करने वाले हैं।
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