बिजनौर। सरकारी भूमि पर कब्जा करने वाले अब सरकारी कार्यों ठेके नहीं ले पाएंगे। इन लोगों को ठेकों के लिए अब राजस्व विभाग की ओर से भी चरित्र प्रमाण पत्र लेना होगा। जिन लोगों पर सरकारी जमीन को कब्जाने का आरोप होगा, उन्हें चरित्र प्रमाणपत्र नहीं दिया जाएगा। इस संबंध में डीएम अटल कुमार राय ने सभी तहसीलों को आदेश जारी कर दिए हैं।
सरकारी जमीन को कब्जामुक्त करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। श्रावस्ती मॉडल के अंतर्गत जिले में चकरोड को खाली कराया भी जा रहा है और कब्जे वाले तालाबों की जमीनों को चिह्नित भी किया जा रहा है। सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए एक और पहल की गई है। सरकारी कार्यों के ठेके प्राप्त करने के लिए आवेदकों को पुलिस प्रशासन से चरित्र प्रमाणपत्र लेना आवश्यक होता है। अब सरकारी कार्यों के ठेके के आवेदन के लिए तहसील से भी चरित्र प्रमाणपत्र लेना होगा। तहसील प्रशासन की टीम जांच में देखेगी कि आवेदक ने कहीं पर सरकारी जमीन पर कब्जा तो नहीं किया है। अगर जांच में किसी आवेदक के नाम पर अवैध कब्जा या बैंक से किसी ऋण में आरसी जारी पाई जाती है तो आवेदक को तहसील प्रशासन द्वारा चरित्र प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जाएगा। सदर तहसीलदार धर्मेंद्र सिंह ने डीएम द्वारा इस संबंध में आदेश जारी करने की पुष्टि की है।