नजीबाबाद। यह देखो दिल न दुख जाए किसी का, भरोसा कुछ नहीं है जिंदगी का... सरीखे कलामों से मिनी मुशायरे में शायरों ने समा बांधा।
मोहल्ला मुगलूशाह में मुख्तार अंसारी के निवास पर आयोजित मुशायरे का आगाज कारी शुएब नफीस की नात ए पाक से हुआ। इंडियन नगीनवी ने दिलों में प्यार बढ़ाओ बहुत अंधेरा है, जो जा रहा है बुलाओ बहुत अंधेरा है..., डॉ. साबिर गमगीन ने फ्रेम बदलने में गरचे तुम हो माहिर, हमें भी तस्वीर बदलना आता है..., महेंद्र अश्क ने शोर अच्छे दिनों का था गए मौसम में, दूर तक फैल गई जर्द तबाही कैसे... कलाम से खूब वाहवाही लूटी। कारी शुएब के संचालन में आयोजित मुशायरे में डॉ. आफताब नोमानी, अतीक माहिर, डॉ. इलियास, शफक्कत, मौसूफ वासिफ, कारी शाकिर, शेर हुसैन, कारी उस्मान, अल्ताफ रजा ने भी कलाम पेश किए।