मूल्यांकन समय से पूरा न होने के आसार
बिजनौर। यूपी बोर्ड के मूल्यांकन में लगे शिक्षाधिकारियों की होली और चुनाव ने परेशानी बढ़ा दी है। ऐसे में मूल्यांकन तय समय में समाप्त होने के आसार नहीं हैं। अभी तक हाईस्कूल की कॉपियों का मात्र 39.5 प्रतिशत मूल्यांकन पूरा हुआ है।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कॉपी जांचने का काम आठ मार्च से शुरू हुआ था। शुरू से ही बड़ी संख्या में परीक्षक गैरहाजिर चल रहे हैं। वैकल्पिक परीक्षक बनाने के लिए भी शिक्षक मिल नहीं रहे हैं। पहले तीन दिन तक माध्यमिक शिक्षक संघ चेतनारायण गुट के शिक्षक अपनी मांगों को लेकर मूल्यांकन बहिष्कार पर रहे। बोर्ड के 22 मार्च तक मूल्यांकन पूरा करने के निर्देश हैं। छह दिन बीत चुके हैं और हाईस्कूल की मात्र 39.5 प्रतिशत और इंटरमीडिएट की 53.9 प्रतिशत कॉपियों का मूल्यांकन हुआ है। मूल्यांकन के बीच में होली का त्योहार है। इसके चलते 20, 21 मार्च को मूल्यांकन कार्य बंद रहेगा। इसके बाद कापी जंचने के लिए सात दिन बचते हैं। इस अवधि में हाईस्कूल का 61 प्रतिशत और इंटर का 47 प्रतिशत मूल्यांकन निपटना है।
सूत्रों के अनुसार शिक्षा विभाग मूल्यांकन 24 मार्च और अर्थात दो दिन आगे बढ़ाने की सोच रहा था। परंतु लोकसभा चुनाव ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। इसकी वजह से 23 मार्च से चुनाव में लगे कर्मचारियों का प्रशिक्षण शुरू होना बताया जा रहा है। चुनाव में बड़ी संख्या में माध्यमिक शिक्षक लगते हैं। हालांकि डीआईओएस राजेश कुमार का कहना है कि प्रयास रहेगा कि जिन शिक्षकों को चुनाव प्रशिक्षण पहली शिफ्ट में हो वह दूसरी पारी में और जिनका प्रशिक्षण दूसरी शिफ्ट में हो वह पहली पारी में कॉपी जांचने आ जाएं। परंतु यह संभव नहीं लगता है। बुधवार तक जीजीआईसी केंद्र पर 169541 कॉपी में से 70385 कॉपी, बीआईसी केंद्र पर 131323 में से 51272, जीआईसी केंद्र पर 90030 में से 57754 और आरजेपी केंद्र पर 108622 कॉपी में से 46321 कॉपी जंची हैं।