बच्चों ने एक दिन गुर्जर परिवारों के बीच व्यतीत किया
कालागढ़। रोजमर्रा की व्यस्त और किताबों में जनजातियों के बारे पढ़ने वाले बच्चों ने एक दिन वनों में निवास कर रहे गुर्जर परिवारों के बीच बिताया। बच्चों को गुर्जर परिवारों ने अपने रहन सहन के बारे में जानकारी दी।
भिक्कावाला के सेंट मेरीस इंटर कालेज के बच्चे अमानगढ़ टाइगर रिजर्व के वनों के बीच छजमलवाला ग्राम सभा के गुर्जर परिवारों के बीच पहुंचे। किताबों में जनजातियों के बारे में पढ़ने वाले बच्चों को गुर्जर परिवारों के बीच एक दिन बिताने का मौका मिला। गुर्जरों के घरों पर पहुंचे बच्चों को वन गुर्जर आमलगीर ने अपने रहन सहन के बारे में बताया। साथ ही बच्चों से अपील की कि वह अपने घरों व आसपास जाकर इस बारे में सभी की बताएं। बच्चों ने गुर्जर परिवारों के साथ सेल्फी, फोटो खींचे व उनके मकानों को घास के पिरामिड कहकर संबोधित किया। उधर, गुर्जर परिवारों के बीच पहुंचे बच्चों लखविंदर सिंह, दर्शन सिंह, सुनील कुमार, जेबा खातून, अस्तिका, रितिका ने बताया कि हमें आश्चर्य है कि वनों में रहने वाले इन गुर्जरों के घर बहुत ही साफ और कारीगरी के साथ बनाए गए हैं। आग जलाने पर भी धुआं घरों में नही फैलता है। शुद्ध प्राकृतिक वातावरण के बीच स्वस्थ जलवायु में रहकर यह परिवार संरक्षण की श्रेणी में आ रहे हैं। कालेज की प्रधानाचार्या सिस्टर जिनी वर्की ने बताया कि पूरे साल किताबी ज्ञान के साथ साथ कुछ व्यावहारिक ज्ञान भी आवश्यक है। ऐसे में एक दिन बच्चों को इनके बीच लाकर व्यवहारिकता से परिचय कराया गया है। बच्चों में उत्साह व खुशी का माहौल है।