धामपुर। चकबंदी विभाग में दस साल से जमे लेखपाल के तबादले को लेकर चकबंदी अधिकारी और बंदोबस्त अधिकारी के बीच घमासान शुरू हो गया है। बंदोबस्त अधिकारी के इस आदेश को चकबंदी अधिकारी ने चुनौती दे डाली है। इसे लेकर दोनों अधिकारियों में तल्खी बढ़ गई है।
गौरतलब है कि धामपुर चकबंदी विभाग में सात सितंबर 2017 को बंदोबस्त अधिकारी बिजनौर मेघवरण सिंह ने 22 लेखपालों के तबादले किए थे। इन लेखपालों में दस साल से जमे धामपुर में तैनात लेखपाल सुशील कुमार भी शामिल हैं। विवाद उस समय बढ़ गया जब लेखपाल ने बंदोबस्त अधिकारी के आदेश को किनारे कर दिया। जबकि सहायक चकबंदी अधिकारी धामपुर धर्मदेव सिंह ने बंदोबस्त अधिकारी बिजनौर के आदेशों का पालन करते हुए लेखपाल को रिलीव कर दिया। सहायक चकबंदी अधिकारी का कहना है कि रिलीव होने के बाद भी लेखपाल सुशील कुमार ने अभी तक चार्ज नहीं छोड़ा है। न ही वह कार्यालय में आकर उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
एसीओ धामपुर का कहना है कि उन्होंने बंदोबस्त अधिकारी मेघवरण सिंह के आदेशों पर अमल किया है। लेेकिन चकबंदी अधिकारी राजकुमार वर्मा लेखपाल की ढाल बनकर बंदोबस्त अधिकारी के आदेशों को चुनौती दे रहे हैं। जिससे धामपुर चकबंदी विभाग में तैनात लेखपाल सुशील कुमार उच्चाधिकारियों के आदेशों पर अमल नहीं कर रहा है। उधर लेखपाल सुशील कुमार का कहना है कि जब तक चकबंदी अधिकारी राजकुमार वर्मा उन्हें आदेश नहीं देंगे, वह चार्ज नहीं छोड़ेंगे। उधर, चकबंदी अधिकारी राजकुमार वर्मा ने लेखपाल सुशील कुमार की वकालत करते हुए कहा कि इस लेखपाल पर कई सर्किलों का चार्ज है। यदि उनका तबादला कर दिया जाता है तो विभाग का काम ठप हो जाएगा।