बिजनौर। प्रदेश सरकार की ऋण मोचन योजना में एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग एसेट) खातों वाले पात्र किसानों का ऋण माफ करने के लिए बैंकों ने सर्वे शुरू कर दिए हैं। चार बैंकों के उपभोक्ता इस योजना में शामिल होंगे। जिला सहकारी बैंक में 18 हजार 246 व सर्व यूपी ग्रामीण बैंक में 1321 किसानों के एनपीए खाते हैं।
ऋण मोचन योजना में अब तक जिले के 72 हजार 562 किसानों का 469 करोड़ 70 लाख रुपये का कृषि ऋण माफ हो चुका है। अब एनपीए(नॉन परफॉर्मिंग एसेट) खाते वाले किसानों का ऋण माफ करने की कवायद चल रही है। योजना में जिला सहकारी बैंक, एसबीआई, सर्व यूपी ग्रामीण बैंक व यूनियन बैंक को शामिल कर लिया गया है। इन बैंकों में एनपीए खाते वाले किसानों का सर्वे शुरू हो गया है। जिला सहकारी बैंक में 18 हजार 246 व सर्व यूपी ग्रामीण बैंक में 1321 किसानों के खाते एनपीए हो चुके हैं। इन किसानों से बैंक का ऋण लेकर लंबे समय से नहीं लौटाया है। बाकी बैंक भी एनपीए खाते वाले किसानों का सर्वे कर रहे हैं।
ऋण मोचन योजना के नोडल अधिकारी व जिला कृषि अधिकारी अवधेश कुमार के मुताबिक केवल पात्र किसानों को ही योजना का लाभ मिलेगा।
ये होगी पात्रता
-किसान यूपी का निवासी हो और यूपी की बैंक शाखा से ही ऋण लिया हो।
-किसान लघु व सीमांत श्रेणी का होनी चाहिए।
-किसान का खाता आरबीआई द्वारा वर्गीकृत एनपीए श्रेणी में शामिल हो।
-खाते को 31 मार्च 2016 तक एनपीए घोषित किया जा चुका हो।
-25 प्रतिशत राशि किसान खुद खाते में जमा करेगा।
एलडीएम अजय कुमार के मुताबिक एसबीआई, यूनियन बैंक व सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के खाताधारकों को भी योजना में शामिल कर लिया गया है। अब पहले से ज्यादा किसानों को योजना का लाभ मिलेगा।