ग्राम पंचायतों में आई भ्रष्टाचार में कमी
बिजनौर। ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार रोकने के लिए लाए गए एक्शन सॉफ्टवेयर ने ग्राम पंचायतों में फैले भ्रष्टाचार पर रिएक्शन शुरू हो गया है। ग्राम पंचायतें अब कार्ययोजना बनाकर काम कर रही हैं। पहले भ्रष्टाचार के आरोप में घिरी रहने वालीं ग्राम पंचायतों में अब शिकायतें भी बहुत कम हो गई हैं।
भ्रष्टाचार की दीमक से ग्राम पंचायतें भी अछूती नहीं थीं। ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार की पर नकेल कसने के लिए बीते साल जिला पंचायत राज विभाग में एक्शन सॉफ्टवेयर लाया गया था। इससे ग्राम पंचायतों में मनमाने कामों पर रोक लग गई। गांव वालों को भी पता रहता है कि ग्राम पंचायत में कौन सा काम पहले व कितनी लागत से किया जाएगा।
ऐसे काम करता है सॉफ्टवेयर
प्लान सॉफ्टवेयर में आने वाले एक्शन सॉफ्टवेयर में गांवों के होने वाले कामों के प्रोजेक्ट डाले जाते हैं। काम होने पर उसमें आए खर्च के बिल, वाउचर प्रिया सॉफ्टवेयर में अपलोड किए जाते हैं। इसके बाद नेशन एसेट डारेक्ट सॉफ्टवेयर में काम का सुपर विजन किया जाता है।
बिजनौर नंबर वन
विकास कार्यों को एक्शन व प्रिया सॉफ्टवेयर पर अपलोड करने के मामले में बिजनौर उत्तर प्रदेश में पहले नंबर पर है। जिले के ग्राम प्रधान योजना के तहत काम करने में प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं।
डीपीआरओ मनीष कुमार के अनुसार एक्शन सॉफ्टवेयर से गांवों में होने वाले कामों के बारे में पहले ही पता चल जाता है। अब सब कुछ एक प्रक्रिया के तहत हो रहा है। ग्राम प्रधान व सचिव के खिलाफ आने वाली शिकायतें दस प्रतिशत ही रह गई हैं।