बिजनौर/मंडावर/बेगावाला। गंगा का जलस्तर कम होने के बाद अब कटान ने खादर के किसानों की नींद उड़ा दी है। गंगा कई गांवों के पास कटान कर रही है। खेतों और उसमें खड़ी फसल कटकर गंगा में समा रही है।
बृहस्पतिवार को गंगा और मालन का पानी गांव ब्रह्मपुरी में घूस गया था। गांव में इतना पानी था कि कहीं आने जाने के लिए नाव की सवारी की जा रही थी। रात को गंगा का पानी कम होने से गांव में भरा पानी भी उतर गया। हालांकि रावली के रपटे पर अभी भी आधा फीट तक पानी चल रहा है। गंगा की धारा गांव कुंदनपुर, जाफरपुर, सीमली, मीरापुर, कोहरपुर के खेतों में कटान करते हुए खेतों की ओर बढ़ रही है। खेत और उसमें खड़ी फसल को किसान अपनी आंखों के सामने गंगा में समाता देख रहे हैं, लेकिन चाहकर भी वे कुछ नहीं कर पा रहे हैं। खेतों में खड़े गन्ने व अन्य फसल को किसान काटकर घर ले जा रहे हैं। गांव वालों राकेश, पीतम, हरकेश आदि का कहना है कि अगर गंगा का जलस्तर बढ़ा हो तो पानी किनारों के ऊपर से बहता है और कटान नहीं करता, लेकिन जब पानी का जलस्तर कम होता है तो गंगा की धारा बहुत तेज होती है और वो खेतों में कटान करती है। पानी कम हो या ज्यादा, उनको तो हर तरह नुकसान ही झेलना पड़ता है। जिन खेतों से फसल काटी जा रही है, पता नहीं वो अगले दिन होंगे भी या गंगा की धारा में समा गए होंगे। मध्य गंगा बैराज के एई पंकज अग्रवाल के अनुसार गंगा में 64 हजार क्यूसेक पानी बह रहा है। खतरे की कोई बात नहीं है।