बिजनौर। राहुल सैनी की आत्महत्या में सूदखोर लेखपाल वीरेंद्र सैनी जेल में बंद है जबकि बाकी आरोपियों की संलिप्तता की जांच चल रही है। पुलिस की जांच के दायरे में 16 बैनामे आ चुके हैं। उधर राहुल से जमीन खरीदने वाला एक और खरीदार सामने आया है, जिसके शपथ पत्र को पुलिस ने विवेचना में शामिल कर लिया है।
बता दें कि नगीना के राहुल सैनी ने 30 अक्तूबर को सूदखोरों से तंग आकर ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली थी। बता दें कि आरोपी लेखपाल और अन्य आरोपियों ने राहुल को कर्ज दिया था। मनमाने तरीके से ब्याज लगाकर कर्ज की रकम को बढ़ाते रहे। कर्ज के बदले बेहद कम कीमत पर राहुल से उसकी जमीन के बैनामे भी कराते रहे। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि एक कॉल में राहुल सैनी लेखपाल से यह भी कहा था कि वह ट्रेन के आगे कूदने जा रहा, उसकी लाश उठा लेना। पुलिस का कहना है कि इस कॉल के बाद भी आरोपी लेखपाल ने किसी को नहीं बताया कि राहुल आत्महत्या करने के लिए निकल चुका है।
वहीं, मृतक के परिजन बिना बैंक लेनदेन रजिस्ट्री कराने वाले लोगों की रजिस्ट्री रद्द कराने के लिए कोर्ट की शरण में जाने की तैयारी कर रहे हैं। उपनिबंधन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार 2019 के बाद 20 हजार रुपये से अधिक का नकद लेनदेन रजिस्ट्री में मान्य नहीं है। ऐसे में नकद लेनदेन कर राहुल से रजिस्ट्री कराने वाले लोगों के लिए बैनामे खारिज होने का खतरा बढ़ गया है।
सीओ डॉक्टर अंजनी कुमार चतुर्वेदी का कहना है कि इस मामले में गहनता से जांच चल रही है। इस मामले से जुड़े जो भी शपथ पत्र आएंगे उन्हें सभी को जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।