बान नदी की खुदाई में एक दिन का होगा महाश्रमदान
बिजनौर। बान नदी की जमीन पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे मिले हैं। लोगों ने इसमें फसल बो रखी हैं। प्रशासन ने बान नदी की खुदाई के लिए जुलाई के प्रथम सप्ताह में एक दिन का महाश्रमदान करने का निर्णय लिया है। डीएम के साथ सभी अधिकारी फावड़ा चलाएंगे। इसमें सामाजिक संगठनों और जनसाधारण का सहयोग लिया जाएगा। प्रशासन महाश्रमदान का ब्लू प्रिंट तैयार करने में जुटा है।
जिला ग्राम्य विकास संस्थान के परियोजना निदेशक तथा जिला विकास अधिकारी विजय कुमार श्रीवास्तव के अनुसार बान नदी का जीर्णोद्धार शासन की प्राथमिकता में है। जिले में बान नदी पांच ब्लाक की 57 ग्रामपंचायतों से 103 किलोमीटर लंबाई में बहती है। लोगों ने नदी की जमीन पर अवैध कब्जे करके फसल बो ली है। फसल को उजाड़कर जमीन को अवैध कब्जा मुक्त कराया जाएगा। राजस्व विभाग की टीम जमीन चिह्नित करने में लगी हैं। नदी के दोनों ओर लाल झंडी लगाई जा रही हैं। डीएम सुजीत कुमार के निर्देश पर जुलाई के पहले सप्ताह में एक दिन का महाश्रमदान होगा। पांचों ब्लॉक के लिए अधिकारियों की टीम बनाई जा रही है। ब्लॉक से लेकर जिले तक के अधिकारी अलग अलग प्वाइंट पर श्रमदान करेंगे। बान नदी के दोनों ओर बीस हजार से अधिक पौधे रोपे जाएंगे। पौधे सात सात मीटर की दूरी पर लगेंगे। सिंचाई विभाग धामपुर क्षेत्र के अधिशासी अभियंता के अनुसार बान नदी का ड्रोन सर्वे अंतिम चरण में है। नजीबाबाद से नहटौर तक पानी का बहाव गति, बान नदी की चौड़ाई व गहराई का आंकलन पूरा होने को है। पानी रोकने के लिए चैक डैम बनाने के प्वाइंट तय कर लिए गए हैं। पीडी के मुताबिक महाश्रमदान में कोई भी व्यक्ति भाग ले सकता है।