बचाव व रोकथाम ही बुखार का असरदार इलाज
बिजनौर। मौसम में बदलाव के कारण कई तरह की बीमारियां घेर लेती हैं। मौसम में जब भी बदलाव आता है, तो हमारा शरीर इस परिवर्तन के लिए तैयार नहीं रहता। मौसम में बदलाव के कारण अक्सर बुखार लोगों को अपनी चपेट में ले लेता है।
जिला मलेरिया अधिकारी एवं जिला संचारी रोग नियंत्रण अधिकारी ब्रजभूषण के अनुसार बचाव व रोकथाम ही किसी भी प्रकार के बुखार का असरदार इलाज हो सकता है। उन्होंने बताया कि अगर किसी को भी बुखार के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच कराकर डॉक्टर की सलाहानुसार उपचार करवाएं। बुखार से पीड़ित बच्चे को बिना देर किए चिकित्सालय ले जाना चाहिए। बच्चे के शरीर में पानी की कमी न होने दें। उन्हें ओआरएस घोल पिलाते रहना चाहिए। तेज बुखार होने पर ताजे पानी में भीगे कपड़े से पूरे शरीर को पोछें और बेहोशी आने पर मरीज को हवादार जगहों पर लेटाएं। बिहार प्रदेश के मुजफ्फरपुर जनपद में चमकी बुखार से पीड़ित बच्चों की मौत की खबर के बाद लोगों में इस बुखार को लेकर तरह तरह की भ्रांतियां फैल रही हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए संचारी रोग नियंत्रण के नोडल अधिकारी ब्रजभूषण ने लोगों को बुखार के प्रति जागरूक करने के लिए कुछ टिप्स दिए हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
1. बुखार से बच्चों को बचाने के लिए बच्चों को धूप से दूर रखें।
2. अधिक से अधिक पानी पीए।
3. हल्का साधारण खाना खाएं जंक फ़ूड से बच्चों को
दूर रखें।
4. घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
5. कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराएं।
6. पूरे बदन को ढकने वाले कपड़े पहनें।
7. सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
अनुज कुमार शर्मा