किसान को पता चलेगा खेत की मिट्टी की सेहत
बिजनौर। जिले में अब हर ब्लॉक में एक-एक गांव को मॉडल बनाया जाएगा। गांव के सभी किसानों की खेत की मिट्टी के नमूने लिए जाएंगे। किसान को बताया जाएगा कि उसके खेत में किस पोषक तत्व की कमी है। उस कमी को कैसे दूर किया जाए और कौन सी फसल में कोई पोषक तत्व कितनी मात्रा में दिया जाए। सभी ब्लॉक में गांवों का चयन कर लिया गया है।
फसल की पैदावार मिट्टी की सेहत पर निर्भर करती है। खेतों में लगातार पेस्टीसाइड के प्रयोग व फसल चक्र न अपनाने से मिट्टी की उर्वरक शक्ति कम होती जा रही है। मिट्टी से पोषक तत्व कम होते जा रहे हैं। किसान अपनी खेत की मिट्टी की जांच कराने में रुचि नहीं लेते हैं। केंद्र सरकार ने मिट्टी की सेहत की जांच के लिए अभियान चला रखा है। किसानों के खेत की मिट्टी जांच कर उन्हें मृदा परीक्षण कार्ड दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि किस खेत में कौन से पोषक तत्व की कमी है। हर ढाई हेक्टेअर जमीन को ग्रिड मानकर मिट्टी के नमूनों की जांच की जाती है। लेकिन अब केंद्र सरकार हर ब्लॉक में एक-एक मॉडल गांव बनाएगी। चयनित गांव के शत प्रतिशत किसानों के खेतों की मिट्टी की जांच होगी। किसानों को उनके खेत की मिट्टी की पूरी जांच रिपोर्ट दी जाएगी। किसान को खेत में पोषक तत्वों की पूर्ति करके फसल उत्पादन बढ़ाने के टिप्स दिए जाएंगे। इन किसानों को देखकर दूसरे गांवों के किसान भी अपने खेत की मिट्टी की जांच कराने को जागरूक होंगे।
उपनिदेशक कृषि जेपी चौधरी के अनुसार जिले में हर ब्लॉक से एक-एक गांव का चयन कर लिया गया है। इन गांवों सभी किसानों के खेतों की मिट्टी की जांच होगी। किसानों को जमीन के पोषक तत्व पूरे करने को प्रेरित किया जाएगा।
ये गांव हुए चयनित
ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल में इटावा, हल्दौर में शाहपुर लाल, धामपुर में नंगला बुधवा, स्योहारा में दातानगर, नहटौर में रघुनाथपुर, जलीलपुर में तालिबपुर, नूरपुर में सीड़ीया वाली, कोतवाली में किरतपुर, अफजलगढ़ में त्रिलोकपुर, नजीबाबाद वंश गोपालपुर, किरतपुर में रसूल शहाबुद्दीन गांव का चयन किया गया है।