कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुली
बिजनौर। जिले के कोचिंग सेंटरों पर खामियों का लगातार खुलासा हो रहा है। अग्निशमन विभाग की छापामारी में अधिकांश कोचिंग सेंटरों पर आग से बचाव का उपकरण नहीं मिले।
प्रशासन ने गुजरात के सूरत में कोचिंग सेंटर पर हादसे के बाद चेकिंग अभियान चला रखा है। जिला विद्यालय निरीक्षक चेकिंग के लिए तहसीलवार टीम बना दी थी। चांदपुर तहसील के छापामारी टीम के प्रभारी निशांत कुमार यादव के अनुसार अग्निशमन विभाग की टीम ने चांदपुर व नूरपुर के कोचिंग सेंटरों पर छापामारी की। टीम सदस्य नरदेव सिंह के मुताबिक चांदपुर के 13 व नूरपुर के आधा दर्जन कोचिंग सेंटरों के सुरक्षा मानकों की शनिवार को जांच की गई है। एक दो को छोड़ कहीं भी फायर उपकरण नहीं मिले हैं। फायर अलार्म भी नहीं लगे थे। आपातकालीन स्थिति के लिए भवन की छत पर पानी का टैंक होना जरूरी है, जो कहीं नहीं था। कई सेंटर छोटे-छोटे कमरे में चल रहे थे। बताया गया कि छात्रों को तीन शिफ्टों में पढ़ाया जाता है। एक शिफ्ट में 20 से 50 छात्र पढ़ते हैं। प्रथम दृष्टा कमरों में इतने छात्रों का बैठना संभव नहीं लगता है। संचालक पूछताछ में संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। जांच आख्या एसडीएम समेत डीआईओएस को भेजी जा रही है।
अवैध कोचिंग सेंटर सील होंगे
बिजनौर। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार के अनुसार छापामारी के दौरान संचालित मिले अपंजीकृत कोचिंग सेंटरों को सील किया जाएगा। केवल पंजीकृत कोचिंग सेंटर को ही कारण बताओ नोटिस भेजने का प्रावधान है। संचालकों से दिए समय में शासन के मानकों को पूरा करने के लिए कहा गया है। नोटिस का जवाब आने के बाद ही अगली कार्रवाई तय होगी।
नहीं शुरू हुआ अभियान
बिजनौर। प्रशासन ने तहसीलवार कोचिंग सेंटरों का जांच करने की घोषणा की है। छापामारी तहसीलों के एसडीएम की निगरानी में होगी। शिक्षा विभाग ने तहसीलवार टीम भी बना दी है। टीम के प्रभारी व सदस्य राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य है। तीन दिन बाद भी टीमों ने छापामारी शुरू नहीं की है। छात्र संगठनों का कहना है कि यदि जल्द अभियान चालू नहीं होता है तो परिषद अगली रणनीति तय करेगी।
अपंजीकृत कोचिंग सेंटरों को बंद नहीं कराने का आरोप
बिजनौर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कोचिंग सेंटरों पर मानकों को लेकर अनेक आरोप लगाए हैं। परिषद नें सेंटरों की खामियों को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक को ज्ञापन सौंपा हैं। इसमें मानक पूरा नहीं करने वाले कोचिंग सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। छात्र नेताओं का आरोप है कि जांच में मिले अपंजीकृत कोचिंग सेंटरों को बंद नहीं कराया गया है। परिषद को आशंका है कि कहीं जांच की खानापूरी करके अगली कार्रवाई को ठंडे बस्ते में न डाल दिया जाए। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार ने जांच कराने की बात कही है।