हिंसक कुत्तों के आतंक से ग्रामीणों में दहशत
बिजनौर/गजरौलाशिव। गांव मुकीमपुर धर्मसी उर्फ खेड़ा में हिंसक कुत्तों के आतंक से गांव वाले दहशत में हैं। शुक्रवार को भी कुत्तों ने एक राहगीर पर हमला करने की कोशिश की। कुत्तों को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम गांव पहुंची, लेकिन कुत्ते उन्हें देखकर भाग गए।
बृहस्पतिवार को हिंसक कुत्तों के झुंड ने गांव की संतोष देवी पर हमला करके नोच नोचकर मौत के घाट उतार दिया था। हिंसक कुत्तों से निजात दिलाने के लिए गांववालों ने जमकर हंगामा किया था। शुक्रवार को भी कुत्तों के झुंड ने एक राहगीर पर हमला करने की कोशिश की। राहगीर ने किसी तरह अपनी जान बचाई। दोपहर को वन विभाग की टीम अपने साथ जाल लेकर गांव पहुंची और घटनास्थल के पास लगाए कैमरे की रिकॉर्डिंग देखी, लेकिन कैमरे में कोई भी हलचल कैद नहीं मिली। वन विभाग की टीम आने का पता चलने पर गांव में लाउडस्पीकर पर एनाउंस किया गया। गांव वाले एकत्र होकर जंगल पहुंचे और उन्होंने कुत्तों को पकड़ने की मांग की। वन विभाग की टीम व गांव वालों ने कुत्तों को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन उन्हें आता देखकर कुत्तों का झुंड भाग गया। वन विभाग की टीम ने गांव वालों से सतर्क रहने तथा अकेले जंगल न जाने को कहा है। साथ ही गांव वालों को हिदायत दी कि वे मवेशियों के शव खुले में न डालें। मवेशियों के शव को गड्ढा खोदकर दबाएं। मरे मवेशियों का मांस खाने से ही कुत्ते मांस की तलब में हिंसक हो रहे हैं। वन विभाग के रेंजर शरद गुप्ता के अनुसार कुत्ते पकड़ना वन विभाग का काम नहीं है। वन विभाग की टीम सामाजिक दृष्टि से गांव वालों की मदद करने के लिए गांव में गई थी। गांव वालों से मवेशियों के शव व मांस खुले में न फेंकने को कहा गया है।