कोतवाली देहात। गांव दौलताबाद में झोझा बिरादरी का जिला स्तरीय सम्मेलन हुआ। बिरादरी के जिम्मेदार लोगों ने रिश्ते व निकाह में दहेज लेने-देने, डीजे व बैंड बजवाने, वीडियो फिल्म बनवाने आदि मुद्दों को इस्लाम के विपरीत बताते हुए पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया। ऐसा करने वाले परिवार को बिरादरी से बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया।
मदरसा इस्लामिया अनवारूल उलूम में हुए सम्मेलन में मुख्य अतिथि मौलाना अब्दुल सलाम ने बिरादरी के लोगों से रिश्ते में दहेज के नाम पर गाड़ी व मोटी रकम वसूलने, चोटी-सेहरा बांधने, समदौला, निकाह में जेवर, बरी की नुमाइश करने, जूते चुराई की रस्म करने, बारात में खड़े होकर खाना खाने व पहले की तरह शादी में बैंड, डीजे बजाने, आतिशबाजी छोड़ने और वीडियो बनवाने को इस्लाम के विपरीत बताया। बिरादरी के निर्णय के विपरीत चलने वाले लोगों का बिरादरी से बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। मौलाना अब्दुल सलाम की अध्यक्षता व कारी तसलीम के संचालन में हुए सम्मेलन में मौलाना जमील, मुफ्ती अमजद, मौलाना अब्दुल करीम, मुफ्ती नासिर, मौलाना एजाज, मौलाना मोहम्मद, याकूब, हाफिज कय्यूम, कारी शमशाद, मौलाना दिलशाद, हाफिज इसराइल, हाफिज शमीम, हाफीज शफीक, मोहम्मद अकबर, डा. शफीक आदि ने विचार व्यक्त किए।