बिजनौर। राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने सीएमओ को निर्धारित समय पर सूचना नहीं देने के आरोप में फटकार लगाते हुए 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही वादी को 20 दिन के अंदर सूचना उपलब्ध करा पांच हजार रुपये क्षति पूर्ति दिए जाने के भी आदेश दिए हैं। सुनवाई के लिए 21 जून को रामपुर कलक्ट्रेट में उपस्थित होने के लिए कहा है।
किरतपुर के सुखदेई नर्सिंग होम संचालक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने 24 अगस्त 2015 को सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जन सूचना अधिकारी/मुख्य चिकित्साधिकारी से जनहित में सूचनाएं मांगी थीं। जो उन्हें अधूरी उपलब्ध कराई गईं। इसके बाद राज्य सूचना आयोग में अपील की गई। राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने इसे अधूरा पाते हुए सीएमओ को समस्त साक्ष्यों के साथ आयोग में उपस्थित होने के लिए कहा। इसके बावजूद सीएमओ सूचना आयुक्त के आदेशों को दरकिनार करते हुए स्वयं उपस्थित नहीं हुए।
इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सूचना आयुक्त ने सीएमओ पर 10 हजार रुपये जुर्माने के साथ 20 दिन के भीतर वादी को सही सूचना देने के आदेश दिए। नौ फरवरी को भी सीएमओ उपस्थित नहीं हुए। बार-बार सीएमओ ने सूचना के अधिकार का उल्लंघन किया। सुनवाई की तिथि छह अप्रैल को भी सीएमओ उपस्थित नहीं हुए। इसी मामले में सूचना आयुक्त ने सीएमओ राकेश मित्तल को 25 हजार रुपये के अर्थदंड के साथ वादी को क्षतिपूर्ति के लिए पांच हजार रुपये देने के आदेश भी दिए हैं।
साथ ही रामपुर कलक्ट्रेट में अगली तारीख 21 जून को उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। इस बार सूचना आयुक्त ने एसपी को आदेश दिए कि सीएमओ को साथ लेकर रामपुर कलक्ट्रेट में उपस्थित हों। सीएमओ राकेश मित्तल का कहना है कि इस मामले में उन्होंने अपना प्रतिनिधि लखनऊ के लिए भेजा हुआ है। उसके लौटने पर ही कुछ कहा जा सकता है।