बिजनौर। जिले की बैंक शाखाओं में कैश की किल्लत बनी हुई है। आरबीआई जिले की पूरी स्थिति पर नजर रख रहा है। बैंक भी इसे लेकर सक्रिय हो गए हैं। पीएनबी और एसबीआई ने कैश के लिए आरबीआई से डिमांड की है। पीएनबी ने एक हफ्ते के लिए करीब 150 करोड़ रुपये मांगे हैं। आज बैंकर्स की लखनऊ में आरबीआई के साथ होने वाली बैठक में भी इस मुद्दे को उठाया जाएगा।
उपभोक्ता दो हजार रुपये के नोट बहुत कम मात्रा में बैंक में जमा करने आ रहे हैं। हालांकि जिले की 325 बैंक शाखाओं में से अभी तक कहीं भी कैश खत्म होने की नौबत नहीं आई है, लेकिन नगदी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। एटीएम में रुपये अभी रखे जा रहे हैं। जिले में किसी किसी बैंक शाखा के एटीएम में कुछ देर के लिए ही कैश खत्म होता है। उपभोक्ताओं द्वारा कम मात्रा में रुपये बैंकों में जमा करने के कारण करेंसी चेस्ट खाली होने लगी है।
जिले में एसबीआई की पांच और पीएनबी की एक करेंसी चेस्ट है। इन सभी में भी बहुत कम रुपया बचा है। कैश की किल्लत को देखते हुए बैंक अधिकारियों ने आरबीआई लखनऊ को कैश की डिमांड भेजी है। पीएनबी ने आरबीआई से 150 करोड़ रुपये की डिमांड भेजी है। पीएनबी चेस्ट द्वारा कोऑपरेटिव बैंक, सर्व यूपी ग्रामीण बैंक और एसबीआई द्वारा बाकी बैंकों को रुपया दिया जाता है। आरबीआई द्वारा भी जिले की करेंसी चेस्ट पर सीधे नजर रखी जा रही है। दो तीन दिन में ही इन करेंसी चेस्ट को नगदी मिलने का अनुमान है। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक अजय कुमार के अनुसार कैश की डिमांड भेजी गई है। कैश मिलते ही बैंक शाखाओं में आवंटित कर दिया जाएगा। फिलहाल किसी शाखा में कैश की किल्लत की सूचना नहीं है।