अमरोहा। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के मुस्लिम मंच से जुड़े मुफ्ती वजाहत कासमी ने देशभर में दलित आंदोलन के दौरान हुए हिंसक प्रदर्शन पर हमला बोलते हुए कहा कि हिंसा फैलाने वालों पर देशद्रोह का मुकदमा लगना चाहिए। सच में राष्ट्रवादी लोग हैं तो शायद इस तरह की घटना नहीं करते। मुल्क ने इनका क्या बिगाड़ा है। वह हाशमी पीजी कॉलेज में आयोजित नेशनल सूफी कांफ्रेंस में शिरकत करने आए थे। यह बाते उन्होंने पत्रकार वार्ता में कही।
उन्होंने कहा कि वाहनों में आगजनी, राहगीरों को परेशान करना और दुकानों में तोड़फोड़ कर लोगों का रोजगार छिनने का काम किया है। कई बेकसूूर लोगों की मौत हो गई, जो बेहद शर्मनाक हैं। दलितों को आरक्षण से बहुत कुछ मिल चुका है अब वह लड़ाई लड़कर क्या लेना चाहते हैं। राष्ट्रपति से लेकर लोकसभा व राज्यसभा में तमाम दलित प्रतिनिधि हैं। मुल्क और कानून से दलितों को बहुत कुछ दिया, आज यह लोग देश के प्रति उग्र हुए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मुल्क में गंगा जमुनी तहजीब, प्यार और भाईचारे के लिए कुर्बानी देने का सूफियों का इतिहास रहा है। अध्योधा राम मंदिर पर उन्होंने कहा कि सूूफियों की विचारधारा मंदिर-मस्जिद नहीं होती। अगर वह मंदिर मस्जिद की विचारधारा रखता है तो वह सूफी ही नहीं हैं। सारे मजहबों के रंग का संगम सूफी होता है। अयोध्या के लिए मेरा फार्मूला ये है कि मुस्लिम मंदिर बना दें, और हिंदू भाई मस्जिद बनाकर खड़ी कर दें। जिससे देश में शांति बनी रहे। कहा कि दलित ही नहीं किसी भी मजहब के लोग मुल्क में अराजकता फैलाते हैं, तो वह देश प्रेमी नहीं हो सकते हैं।