रेहड़। ग्राम पंचायत छजमलवाला के गांव रानीनांगल में एक दर्जन से ज्यादा इंडिया मार्का हैंडपंप दूषित पानी फेंक रहा है। गांववाले दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। आरोप है कि ग्राम प्रधान से कई बार शिकायत की, लेकिन अभी तक हैंडपंपों को रिबोर नहीं कराया गया।
ग्राम पंचायत छजमलवाला के गांव के रानीनांगल में करीब 20 इंडिया मार्का हैंडपंप हैं। गांव के बलवीर सिंह, बूटा सिंह, चरनजीत सिंह आदि का कहना है कि गांव एक दर्जन से ज्यादा इंडिया मार्का हैंडपंप दूषित पानी दे रहे हैं, जबकि कई हैंडपंपों के हलक सूखे पड़े हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि हैंडपंपों के गंदा पानी देने की वजह से गांववासियों को दूषित पानी पीना पड़ रहा है। आरोप है कि हैंडपंपों के दूषित पानी देने की जानकारी जल निगम को भी दी गई। परंतु जल निगम ने हैंडपंपों की कोई सुध नहीं ली। दो माह पहले हैंडपंपों का पानी जांच के लिए लिया गया था। जांच में पानी की हालत क्या मिली यह भी कोई जानकारी नहीं दी गई। गंदा पेयजल पीनेे से गांववासियों में संक्रामक बीमारी फैलने की आशंका बढ़ती जा रही है। प्रधान से भी पानी की समस्या के बारे में बताया गया। मगर प्रधान ने भी हैंडपंपों की समस्या की सुुध नहीं ली। गुरूद्वारे का भी हैंडपंप गंदा पानी दे रहा है। ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत कर गांव में पेयजल व्यवस्था कराने की मांग की है।
जांच में एक दर्जन हैंडपंपों का पानी फेल : प्रधान
उधर प्रधान जसवंत सिंह का कहना है की पंचायत में 20 हैंडपंप खराब है। पांच माह पहले पानी की गुणवत्ता की जांच कराई गई थी। एक दर्जन से हैंडपंपों का पानी दूषित निकला। बजट आने पर शीघ्र ही खराब हैंडपंपों को रिबोर कराया जाएगा।
पंचायत पर हैंडपंप रिबोर कराने का अधिकार: जेई
जेई शुभम सक्सेना का कहना है कि हैंडपंपों को रिबोर कराने के लिए पंचायत का अधिकार है। यदि हैंडपंपों का पानी दूषित है तो ग्राम प्रधान रिबोर करा सकते हैं।