खेतों का कटान कर गांवों की ओर बढ़ रही गंगा
मंडावर (बिजनौर)। उत्तराखंड में बारिश शुरू होने के साथ ही गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। सैकड़ों बीघा फसल गंगा में समा चुकी है। गंगा ने गांव राजारामपुर व मीरापुर के पास गांवों की ओर कटान भी करना शुरू कर दिया है। उत्तराखंड में होने वाली बारिश जिले के खादर क्षेत्र को प्रभावित करती है। कई गांवों के किसानों के खेत खादर पार हैं। बारिश के बाद जलस्तर बढ़ने से किसान अपने खेतों में भी नहीं जा पाते हैं। फिलहाल गंगा की तेज धारा ने गांव राजारामपुर, सीमला व मीरापुर के पास कटान शुरू कर दिया है। कई बीघा जमीन कटकर गंगा की धारा में समा चुकी है। गंगा गांव की ओर कटान कर रही है। ओमपाल सिंह, जय सिंह, फूल सिंह, ताराचंद आदि किसानों का कहना है कि कोई अधिकारी अब तक कटान को देखने नहीं आया है।
उधर, नजीबाबाद प्रतिनिधि के मुताबिक, गौसपुर वासियों को गंगा कटान से निजात मिलने की उम्मीद नहीं है। गंगा का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है, लेकिन अधिकारी कटान रोकने के लिए प्रोजेक्ट बनाकर शासन को भेजने की बात कह रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में रोष है।
गंगा तट पर बसे गांव गौसपुर में पिछले तीन-चार वर्षों से गंगा द्वारा कटान किया जा रहा है, जिससे कई किसानों के खेतों की जमीन गंगा में समा चुकी है और गांव से गंगा की दूरी महज 500 मीटर रह गई है। इससे गांव के लिए खतरा बढ़ गया है। ग्रामीण कृषि राज्यमंत्री संजीव बालियान, नगीना क्षेत्र के सांसद डॉ.यशवंत सिंह से लेकर जिले के प्रशासनिक अधिकारियों से कटान रोकने के लिए तटबंध बनाने की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक भी उनकी सुनवाई नहीं हुई।
शनिवार को एसडीएम उद्भव त्रिपाठी गांव गौसपुर पहुंचे। उन्होंने गंगा द्वारा किए जा रहे कटान का मुआयना किया। ग्रामीणों ने एसडीएम से कटान रोकने के लिए स्थाई तटबंध बनवाने की मांग की, तो एसडीएम ने उन्हें सांसद से मिलने के लिए कहा। ग्रामीणों ने एसडीएम को बताया कि वे सांसद से पहले ही मिल चुके हैं। एसडीएम ने ग्रामीणों को बताया कि जल्द ही तटबंध निर्माण का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा। शासन से स्वीकृति एवं बजट मिलते ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा। ग्राम प्रधान मुन्नू सिंह, पूर्व प्रधान राजेश, ग्रामीणों मामराज, रामप्रसाद, ओमपाल का कहना है कि गांव में जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी आकर आश्वासन देकर चले जाते हैं, लेकिन उसके बाद किसी स्तर से भी गांव में बचाव कार्य नहीं कराए जाते हैं। एसडीएम उद्भव त्रिपाठी ने कहा कि गंगा गांव से काफी दूर है। गंगा का जलस्तर बढ़ तो रहा है, लेकिन उससे गांव की ओर कटान नहीं हो रहा है। उन्होंने प्राथमिक बचाव कार्यों के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश देने की बात कही।