- सहारनपुर मंडल में 3403.01 करोड़ से दुरुस्त की जा रही बिजली व्यवस्था
- सहारनपुर, मुजफ्फरनगर व शामली में 112.5 किमी जर्जर तार बदले जा चुके
- लो-वोल्टेज, ट्रिपिंग और लाइन हानियों में आएगी कमी, लोगों को मिलेगी राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। इस बार गर्मी में बिजली संकट कम हो इसके लिए विद्युत निगम सर्दियों में ही सुधार के कार्य करा रहा है। सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली में अब तक 1486 किलोमीटर तारों का जाल बिछाया जा चुका है। इसके अलावा जर्जर तारों को भी बदला जा रहा। इससे लो-वोल्टेज, ट्रिपिंग और लाइन हानियों में काफी हद तक कमी आएगी।
केंद्र व राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) को धरातल पर उतारने के लिए युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है। 3403.01 करोड़ रुपये की लागत से हो रहे कार्यों में अब तक सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली में 1486.6 सर्किट किलोमीटर एलटीएबी केबल (खुला तार), 112.5 किलोमीटर जर्जर तार और कृषि फीडरों को अलग करने के लिए नए खंभे लगाकर 104.8 सर्किट किलोमीटर तार लगा दिए गए हैं।
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गर्मियों में बढ़ जाती है बिजली कटौती
हर साल गर्मियों में बिजली कटौती बढ़ जाता है। निगम बेशक गांवों को 18 घंटे और शहर में 24 घंटे बिजली देने के दावे करता है, लेकिन कभी जर्जर तार टूट जाने से तो कभी ओवरलोड होने पर ट्रांसफार्मर फुंकने से घंटों का बिजली संकट रहता है। इसी संकट को कुछ हद तक कम करने के लिए जर्जर व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है। जिस रफ्तार से काम चल रहा है, उसे लेकर अधिकारी गर्मियां आने तक लोगों को राहत देने का दावा कर रहे हैं।
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ये हुए काम
सहारनपुर
एबी केबल (खुला तार) - 620.60 किलोमीटर बिछा
जर्जर तार - 79.70 किलोमीटर
फीडर पर तार - 22.80 किलोमीटर
मुजफ्फरनगर
एबी केबल (खुला तार) - 541.50 किलोमीटर बिछा
जर्जर तार - 3.30 किलोमीटर
फीडर पर तार - 54.90 किलोमीटर
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शामली
एबी केबल (खुला तार) - 324.70 किलोमीटर बिछा
जर्जर तार - 29.50 किलोमीटर
फीडर पर तार - 27.10 किलोमीटर
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वर्जन
जर्जर तारों के टूटने की समस्या अधिक रहती है। इसलिए रिवैंप योजना के तहत जर्जर तार बदले जा रहे। इसके अलावा एबी केबल को भी बिछाया जा रहा है। बिजली का संकट कम होने से लोगों को राहत मिलेगी।
- आदर्श कुमार कौशल, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम