अमरोहा। शहर में सड़क और पार्कों के निर्माण के लिए तीन करोड़ रुपये से ज्यादा धन शासन स्तर पर सालभर से अटका हुआ है। इसके चलते शहर के विकास कार्यों पर ब्रेक लग गया है। धन के अभाव में अधबनी सड़कें और पार्क नगरपालिका को मुंह चिड़ा रहे हैं।
वर्ष 2017-18 में शहर की सड़कों और पार्कों की दुर्दशा सुधारने के लिए सात करोड़ रुपये के टेंडर हुए थे। लेकिन वर्क ऑर्डर करीब साड़े तीन करोड़ रुपये के ही किए गए। बाकि चार करोड़ रुपये के वर्क आर्डर कैंसिल करा दिए गए। 40 सड़कों के वर्क आर्डर होने के सड़कों के निर्माण में करीब एक करोड़ रुपये का काम भी करा दिया गया। बाकि ढाई करोड़ रुपये शासन स्तर पर अभी तक अटके हुए हैं।
बता दें कि सात करोड़ रुपये के टेंडर पूर्व चेयरमैन अफसर परवेज के कार्यकाल में हुए थे। तब से आज तक अधबनी सड़कें नगर पालिका को मुंह चिड़ा रही हैं। अमृत योजना के तहत शहर में पार्कों के जीर्णोद्घार के लिए इस साल जून माह में 85 लाख रुपये के टेंडर पास हुए थे। शहर के कुल 18 में से चार पार्कों के वर्क ऑर्डर होने के बाद अब तक 26 लाख रुपये भुगतान हो चुका है।
जिन पार्कों के जीर्णोद्घार का काम कराया गया है, वे चारों आवास विकास प्रथम और द्वितीय में बने हैं। धन के अभाव में महीनों से पार्कों के जीर्णोद्घार का काम अटका हुआ है। जबकि शासन स्तर पर अमृत योजना के तहत पार्कों के जीर्णोद्घार के लिए करीब 50 लाख रुपये का धन अब भी अटका हुआ है।
कुल मिलाकर शहर के विकास कार्यों के लिए शासन स्तर पर करीब तीन करोड़ रुपये का धन अटका हुआ है। इसके चलते विकास कार्यों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है।
शासन को अवगत कराया है
चेयरमैन शशि जैन ने कहा कि विकास कार्यों के लिए अटके धन के संबंध में शासन का अवगत कराया गया है। अटका धन जल्द ही मिलने की पूरी उम्मीद है। उन्होंने बताया कि इस साल जून माह में सड़क निर्माण के लिए नगर पालिका में साढे़ तीन करोड़ रुपये के टेंडर पास किए गए। आठ सड़के बनकर तैयार हैं, बाकि पर काम चल रहा है।