धामपुर। उत्तर प्रदेश वित्तविहीन शिक्षक महासभा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष संजय मिश्रा ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही प्रदेश के शिक्षकों को सम्मान मानदेय नहीं दिया तो 26 से 31 दिसंबर तक प्रदेश के सभी जिलों में सरकार विरोधी रैली निकाली जाएगी। रैली के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को हटाने, शिक्षा को बचाने और शिक्षकों को मानदेय दिलाने की मांग की जाएगी। इतने पर भी सुनवाई नहीं हुई तो सात जनवरी को दिल्ली में जंतर मंतर पर आंदोलन होगा और पीएम से मांगों को पूरा करने की मांग की जाएगी।
बृहस्पतिवार को भेंटवार्ता में कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि पिछले सरकार द्वारा प्रदेश के वित्तविहीन शिक्षकों को एक हजार रुपये मानेदय मिलता था। तब चुनाव के दौरान योगी आदित्यनाथ कहते थे, सपा सरकार ने एक हजार का मानदेय देकर शिक्षकों को भीख के रूप में देकर उनका अपमान किया है। भाजपा सत्ता में आई तो वह 10 हजार रुपये मासिक मानदेय देंगे। पर ऐसा नहीं हुआ। सत्ता में आने पर सरकार ने सबसे पहले उनके मानदेय को ही बंद किया। महासभा ने सम्मान जनक मानदेय दिलाने की मांग को लेकर जब चार सितंबर को इको गार्डन में आंदोलन शुरू किया तो सरकार ने पांच सितंबर शिक्षक दिवस के मौके पर भी उनके पास वार्ता का संदेश नहीं भेजा। तब ऐसे में महिला प्रकोष्ठ की प्रदेशाध्यक्ष/ अटल विहारी वाजपेई इंटर कालेज की शिक्षिका रेनु मिश्रा ने लखनऊ के गांधी पार्क में सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ अपने केशों का त्याग कर दिया। तब भी सरकार ने उनकी मांग को पूरा करने के स्थान पर प्रदेश के सीएम ने उन्हें अयोग्य बता पुराने कर्मों का फल बता डाला। ऐसे में अब महासभा सीएम से शिक्षकों के विरोध में बोले शब्दों को बगैर शर्त वापस दिलाने, सम्मान जनक मानदेय दिलाने की मांग को लेकर 26 से 31 दिसंबर तक प्रदेशाध्यक्ष व एमएलसी लखनऊ के नेतृत्व में प्रदेश के सभी जिलों में सरकार विरोधी रैली निकालेगी। रैली का एक ही नारा होगा कि प्रदेश से अयोग्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हटाओ, शिक्षा बचाओ व सम्मान दिलाओ होगा। इतने पर भी उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो सात जनवरी को दिल्ली में जंतरमंतर पर आंदोलन होगा। जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी से मुख्यमंत्री हटाओ और शिक्षा संवर्ती सूची में शामिल शिक्षकों को सम्मान जनक मानदेय दिलाने की मांग की जाएगी।