धामपुर। उच्च प्राथमिक अनुदेशक शिक्षक वेलफेयर ऐसो की मंगलवार को शिवाजी पार्क में सभा का आयोजन हुआ, जिसमें अनुदेशकों ने यूपी और केंद्र की दोनों सरकारों को अनुदेशक विरोधी बताया। निर्णय लिया अनुदेशक दोनों सरकारों के खिलाफ पांच सितंबर शिक्षक दिवस को काले दिवस के रूप में मनाएंगे और सरकार की शिक्षक विरोधी नीतियों की जमकर आलोचना करेंगे।
मंगलवार को अनुदेशक दोपहर बाद शिवाजी पार्क में एकत्र हुए और सभा की। सभा में अनुदेशकों ने भाजपा सरकार की शिक्षक विरोधी नीतियों की जमकर निंदा की। जिला महामंत्री अनु विश्नोई ने कहा कि केंद्र सरकार ने साल 2017 में अनुदेशकों के मानदेय की ग्रांट 17 हजार प्रति माह के हिसाब से जारी कर दिया था, परंतु डेढ़ साल बीतने के बाद उन्हें बढ़ा भुुगतान नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनमें असंतोष है। अनुदेशकों ने प्रदेश स्तर पर भाजपा की दोनों सरकारों के खिलाफ शिक्षक दिवस को काले दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। वह सभी कर्मचारी निर्धारित समय पर अपने स्कूलों में बाजुओं पर काली पट्टियां बांधे तो जाएंगे पर शिक्षण कार्य नहीं करेंगे। अनुदेशकों ने प्रदेश की बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल की कार्यशैली की निंदा की। आरोप लगाया कि जब केंद्र सरकार ने उनका मानदेय 17 हजार रुपये मासिक निर्धारित कर दिया है, तो किस आधार पर उन्हें 9800 रुपये प्रति माह दिलाने की बात कर रही है। सभा में ब्लाक अध्यक्ष जोगिंदर सिंह, हिमांशु पाठक, राजीव चौहान, अल्पना शर्मा, गुलनाज, शिखाराजपूत, टिंकी रानी, हिटलर सिंह रहे। संचालन भूपेंद्र सिंह ने किया। शिक्षा प्रेरकों ने भी शिक्षक दिवस को काले दिवस के रूप में मनाने का एलान किया है।