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बहेड़ी में हाथी ने किसानों को दौड़ाया

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बढ़ापुर। बढ़ापुर रेंज की आरक्षित वन सीमा से निकलकर सीमावर्ती गांव बहेड़ी के गन्ना और धान के खेतों में घुसे हाथी ने दो किसानों को को काफी दूर तक दौड़ाया। किसानों ने जैसे तैसे वहां से भागकर अपनी जान बचाई। वन क्षेत्राधिकारी ने वनकर्मियों को इस क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने के निर्देश देते हुए किसानों से सतर्कता बरतने को कहा है। ग्राम बहेड़ी के अधिकांश किसानों की कृषि भूमि बढ़ापुर रेंज के आरक्षित वन क्षेत्र से सटी है। शुक्रवार की रात्रि लगभग साढ़े दस बजे ग्राम बहेड़ी निवासी किसान राणे सिंह व रामअवतार अपने खेत पर बनी मचान से गन्ना और धान-मुंजी फसल की रखवाली कर रहे थे। इसी दौरान उनके गन्ने के खेत में एक हाथी आ घुसा। दोनों किसान अपनी मचान से नीचे उतरे और हाथी को खेत से भगाने के लिए जोर-जोर से शोर मचाने लगे। इस पर हाथी ने फसल छोड़ अपना रुख शोर मचा रहे किसानों की ओर कर लिया और दोनों को खेतों में खूब दौड़ाया। किसानों ने जैसे तैसे वहां से भागकर अपनी जान बचाई। कुछ समय बाद जंगली हाथी भी खेत से वन की ओर चला गया। किसानों ध्यान सिंह, आशाराम, जयप्रकाश, पाले सिंह, नंदी सिंह, मेहर सिंह, महेंद्र, सुशील, रोहिताश व कमल सिंह का कहना है कि जंगली हाथी खेतों में खड़ी फसलों को खाने से ज्यादा पैरों से रौंदकर नुकसान पहुंचाते है। किसानों ने वन विभाग से उनके खेतों में जंगली हाथियों की रोकथाम के लिए कारगर कदम उठाने की मांग की है। इस संबंध में बढ़ापुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी इरफान अली ने बताया कि हाथियों की आवाजाही को रोकने के लिए वनकर्मियों को बहेड़ी के सीमावर्ती जंगल में रात्रि गश्त तेज करने के निर्देश दिए गए है। साथ हीर किसानों से भी जंगली हाथियों को लेकर पूर्ण सतर्कता बरतने, जंगल में अकेले न जाने और फसल की रखवाली के लिए पर्याप्त ऊंचाई पर मजबूत व मोटे वृक्षों पर ही मचान बनाने और जंगली हाथी की फसलों में आवाजाही की तत्काल सूचना रेंज कार्यालय को देने की सलाह दी है।
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