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लड़ते रहे लोग मसजिद मंदिर पर, ओढ़ कर अखबार भारत सो गया

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धामपुर। युवा साहित्यकार संघ की ओर से विचार एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें शहीद भगत सिंह, रजगुरुऔर सुखदेव के बलिदानी दिवस व समाजवादी चिंतक डा. राममनोहर लोहिया के आदर्शों को याद करते हुए उनके ऊपर चल कर समाज सेवा का संकल्प ग्रहण किया गया। इस मौके पर कई कवियों और शायरों ने स्वरचित कविताओं और शायरी के माध्यम से महापुरूषों के आदर्शो को नमन किया।
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संघ के अध्यक्ष हरिकांत शर्मा के आवास पर संपन्न हुए कार्यक्रम का शुभारंभ प्रसिद्ध कवयित्री सारंगा देश असीम ने कविता की चार पंक्तियां इस प्रकार से पेश कर की। सारंगा देश असीम ने कहा कि एक प्रश्न आजकल मेरे मन में अटक रहा है, इंसान और फणिधर, विष किसमे अधिक पनप रहा है। एसबीडी कालेज की प्राचार्य डा.पूनम चौहान ने कहा कि मेरे देश के तिरंगे सौ-सौ सलाम, मेरी बन जाएगी किस्मत, जो आऊंगी तेरे काम। राम सिंह सुमन ने कहा कि अपने वतन के दीवाने, उनकी कहानी क्या कहिये। राजगुरु, सुखदेव, भगत सिंह हंसमुख स्वाभिमानी क्या कहिये। रजनीश शर्मा ने कहा कि लड़ते रहे लोग मस्जिद मंदिर पर, ओढ़ कर अखबार भारत सो गया। एजाज धामपुरी ने कहा कि देकर वतन पर जान अमर हो गए जो, ऐसे सिपाहियों को हमारा सलाम है। नरेश वर्मा ने कहा कि हमें सुुना दो फिर से वह, अविस्मरणीय धुन, जिसे भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु ने गाया था। कार्यक्रम में इंदु्कांत शर्मा, विभुतिकांत शर्मा, राजकुमार सिंह राजू, विनय घायल, देशराज शर्मा, बाबू सिंह निराला, राधिका शर्मा, मिथलेश, डा. एसएस राजपूत, भूपेंद्र सेटठी , संजय गर्ग, प्रह्लाद धीमान, गजेंद्रवीर सिंह रहे। संचालन पूनम चौहान ने किया।
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