बदहाल बेसिक शिक्षा : कहीं शिक्षक नहीं, कहीं विद्यार्थी नदारद
अफजलगढ़। अफजलगढ़ ब्लॉक के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बेसिक शिक्षा विभाग के सर्व शिक्षा अभियान को अधिकारी ही पलीता लगा रहे हैं। ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय खैरूल्लापुर और अफजलपुरहरि का प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालय बच्चों का पंजीकरण न होने की वजह से बंदी के कगार पर हैं। खैरूल्लापुर में मात्र पांच बच्चें पंजीकृत हैं। विद्यालय में एक शिक्षक और एक शिक्षामित्र की तैनाती है। गांव अफजलपुरहरि के जूनियर स्कूल में तीन ही विद्यार्थी पंजीकृत हैं।
विभागीय अधिकारियों की लापरवाही का यह आलम है कि पांच वर्षों से विद्यायल में बच्चों की संख्या पांच से ऊपर नहीं बढ़ सकी। गांव के सुमन सिंह, रंजीत सिंह, विक्रम आदि का कहना है कि स्कूल के अध्यापक कभी बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए गांव में नहीं आते हैं, न ही अभिभावकों को विद्यालयों में अपना बच्चा भेजने के लिए प्रेरित करते हैं। दोनों अध्यापक स्कूल में बैठे रहते हैं। आरोप है कि स्कूल में बच्चों की संख्या न बढ़ने के लिए शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारी भी कम जिम्मेदार नहीं हैं। अध्यापकों पर कम पंजीकरण होने पर कोई कार्रवाई तक नहीं की गई। एक छात्र कक्षा दो, एक छात्र कक्षा तीन और एक छात्र व छात्रा कक्षा चार, एक छात्र कक्षा पांच में है। विद्यालय में पूर्व में बच्चों की संख्या काफी अच्छी होती थी। लेकिन अब हालात बदतर हैं। विद्यालय के इंचार्ज अध्यापक सचिन कुमार का कहना है कि बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
वहीं, गांव अफजलपुरहरि के प्राथमिक विद्यालय में दो अध्यापक तैनात हैं, यहां 15 बच्चें पंजीकृत हैं। जूनियर विद्यालय की हालत इससे भी बदतर स्थिति में है। यहां केवल तीन ही बच्चे पंजीकृत हैं। एक छात्र कक्षा 6, एक छात्र कक्षा 7 और एक छात्र कक्षा 8 में है। किंतु उन बच्चों को पढ़ाने के लिए विद्यालय में एक भी अध्यापक की तैनाती नहीं है। इन परिस्थितियों में तीन बच्चों की पढ़ाई राम भरोसे है। इसके अलावा भी क्षेत्र में कई ऐसे विद्यालय हैं, जहां शिक्षक हैं तो बच्चे नहीं और बच्चें है तो पर्याप्त संख्या में अध्यापक नहीं हैं। वहीं, बीएसए महेशचंद का कहना है कि मुख्य अध्यापकों को हिदायत दी गई है कि विद्यालयों में बच्चों के पंजीकरण की संख्या 20 से कम होगी हुई तो ऐसे विद्यालयों को बंद कर दिया जाएगा। जहां शिक्षक नहीं है, वहां शिक्षकों की तैनाती होगी।