जिले में कुष्ठ के मिले 66 नए मरीज
बिजनौर। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में डोर-टू-डोर चलाये गए कुष्ठ रोगी खोज अभियान में 66 नए मरीज खोजे गए हैं, जबकि 473 मरीजों का पहले से ही उपचार चल रहा है।
कुष्ठ रोग माइक्रो बैक्टेरियम लेप्रै नामक जीवाणु से फैलता है। यह नाक की अस्तर, ऊपरी श्वसन पथ और चरमपंथियों में नसों से प्रभावित होते हैं। कुष्ठ रोग तंत्रिका क्षति, मांसपेशी कमजोरी और त्वचा पर घाव पैदा करता है। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में 15 से 28 फरवरी तक कुष्ठ रोगी खोज अभियान चलाया गया। इस कार्यक्रम में 3220 टीम लगाई गई थी। इनकी निगरानी के लिए 657 पर्यवेक्षक तैनात किए गए थे। केंद्र सरकार कुष्ठ रोग को समूल नष्ट करने के लिए चिंतित है। इसके लिए सरकार तरह तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराकर लोगों को इसके प्रति जागरूक कर रही है। सरकार कुष्ठ रोग को मिटाने के लिए एमडीटी नामक दवा चला रही है। यह दवा जिला अस्पताल समेत जिले के सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध है। जिला कुष्ठ अधिकारी रोहताश कुमार ने बताया कि शरीर पर हल्के पीले या लाल रंग के सुन्न चकते होने पर अथवा तंत्रिकाओं में दर्द होने पर रोगी को खोजी दल प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाकर मरीजों को दवा दिलाएंगे। इस अभियान 66 मरीज खोजे गए हैं, जबकि 473 का पहले से ही उपचार चल रहा है।