बिजनौर। परिषदीय स्कूलों से सेवानिवृत्त होने के तीन महीने बाद भी शिक्षकों की पेंशन का भुगतान नहीं होने का मामला तूल पकड़ने लगा है। जिले के कई शिक्षकों की पेंशन का भुगतान न होने पर शिक्षक संगठनों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। शिक्षकों ने अवैध वसूली के आरोप भी लगाए हैं और मामले की जांच कर न्याय दिलाने की गुहार की है। पेंशन भुगतान नहीं होने से शिक्षक भुखमरी के कगार पर है।
परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों से 31 मार्च को 145 शिक्षक सेवानिवृत्त हुए हैं। काफी संख्या में ऐसे शिक्षक हैं, जिनकी सेवानिवृत्ति के तीन महीने बाद भी अभी तक पेंशन का भुगतान नहीं हुआ है। बेसिक शिक्षा विभाग की माने तो पेंशन पत्रावली मुरादाबाद भेजी गई। इस पर आपत्ति दर्ज कर वापस कर दिया गया। आपत्ति में खंड शिक्षा अधिकारियों के हस्ताक्षर न होना तथा वित्त एवं लेखाधिकारी के हस्ताक्षर भी नहीं होना बताया गया है। पेंशन का भुगतान नहीं होने से शिक्षकों को अब आर्थिक रूप से परेशानी उठानी पड़ रही है। ब्लॉक नूरपुर के रिटायर्ड शिक्षक हेमेंद्र कुमार, बलराम सिंह, शिक्षिका शीला देवी, पुष्पा देवी, ध्यान सिंह, कृपाल सिंह, लाल बहादुर सिंह, छोटे सिंह ने बताया कि तीन महीने के बाद भी उन्हें अभी तक पेंशन नहीं मिली है, जबकि शासन ने रिटायर्ड शिक्षकों व कर्मचारियों के सभी देयकों का भुगतान अप्रैल में करने के निर्देश दिए थे। सेवानिवृत्त शिक्षकों के समर्थन में शिक्षक संगठन भी लामबंद होने शुरू हो गए हैं।
मांगों के लिए किया जाएगा आंदोलन
उप्र जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुधीर कुमार यादव, मीडिया प्रभारी चौधरी अंगजीत सिंह, वरिष्ठ शिक्षक नेता भूपेंद्र चौहान ने बताया कि पेंशन भुगतान नहीं होना गंभीर मामला है। शिक्षकों की मांगों को लेकर आंदोलन किया जाएगा। दूसरी ओर, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री प्रशांत चौधरी , ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद सिंह ने बताया कि रिटायर्ड शिक्षकों के मामले में संगठन चुप नहीं बैठेगा। पेंशन का भुगतान क्यों नहीं हुआ मामले की जांच कराई जाएगी। उधर, बीएसए कार्यालय शिक्षकों की पेंशन भुगतान की आपत्तियों का निस्तारण कराने में जुट गया है। बीएसए महेश चंद्र ने मामले को गंभीरता से लेने को कहा है।