नजीबाबाद । निजी जमीन में सरकारी हैंडपंप लगाने की शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद जलनिगम को चालू हालत में हैंडपंप उखड़वाना पड़ा। एकमात्र हैंडपंप उखाड़ लिए जाने से क्षेत्र के दर्जनों परिवार दिन भर परेशान रहे।
कोटद्वार मार्ग पर गुरुकुल इंटरनेशनल एकेडमी के निकट नई बस्ती आबादी क्षेत्र है। क्षेत्र में दर्जनों परिवार निवास करते हैं। लोगों को पानी मुहैया कराने के लिए जल निगम द्वारा इंडिया मार्क टू हैंडपंप लगवाया गया था। मगर हैंडपंप लगने के बाद से क्षेत्रीय निवासी सुभाष कंडवाल की ओर से सरकारी हैंडपंप उसकी जमीन में लगाए जाने की शिकायत प्रशासन से की जा रही थी। मामले में कार्रवाई न होने पर सुभाष ने इसकी शिकायत सीधे मुख्यमंत्री से की गई। मुख्यमंत्री कार्यालय से निर्देश मिलने पर जलनिगम द्वारा शुक्रवार को इंडिया मार्क टू हैंडपंप उखड़वा लिया गया। क्षेत्रीय ग्रामीणों ऊषा, ऋषिपाल, दीपक, राजकुमार, महावीर, काले, भूरे आदि ने एकमात्र हैंडपंप उखाड़े जाने पर रोष जताया। शिकायत पर एडीओ कुलदीप सिंह और श्याम सिंह गांव पहुंचे। ग्रामीणों ने अधिकारियों से कहा कि हैंडपंप की जमीन को लेकर प्रशासन और सुभाष के बीच चल रहे विवाद में उन्हें रोजमर्रा के पानी से वंचित होना पड़ा है। उन्होंने प्रशासन से अविलंब हैंडपंप बोरिंग की मांग की। उधर, जलनिगम के अधिशासी अभियंता एके त्यागी ने इंडिया मार्क टू हैंडपंप उखाड़े जाने की बात स्वीकार की। उन्होंने बताया कि सुभाष कंडवाल की ओर से रेलवे अधिकारियों से लिखित तौर पर यह उपलब्ध कराया गया कि जहां हैंडपंप लगा है, वह जमीन रेलवे की नहीं है। जिस पर हैंडपंप को निजी जमीन में लगा होना मानते हुए उखड़वाया गया। उन्होंने आगामी कुछ दिनों में उचित स्थान पर हैंडपंप बोरिंग का आश्वासन दिया।
रेलवे से वाद विचाराधीन
नजीबाबाद। ग्रामीण सुभाष कंडवाल का रेलवे और उसकी निजी जमीन की ठीएबंदी को लेकर वाद अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है। सुभाष ने बताया कि रेलवे द्वारा अपने सीमांकन का पिलर उनकी जमीन में लगा दिया गया है।