नहटौर। कक्षा चार की छात्रा के साथ शिक्षक के द्वारा अश्लील हरकत करने का पता चलने पर ग्रामवासियों ने स्कूल में जाकर जमकर हंगामा किया। मामले को लेकर ग्रामवासियों ने स्कूल में पंचायत की। पंचायत में उन्होंने स्कूल में तैनात एक महिला शिक्षक सहित तीनों शिक्षकों का स्थानांतरण करने की मांग की। बीईओ ने स्कूल में पहुंचकर मामले की जांच शुरू की है।
ब्लॉक क्षेत्र के एक गांव के प्राइमरी स्कूल में मुख्य अध्यापक के अलावा एक महिला शिक्षामित्र सहित दो व एक शिक्षक कार्यरत हैं। शुक्रवार को मुख्य अध्यापक व महिला शिक्षामित्र अवकाश पर थे। समायोजित शिक्षक की स्कूल में पढ़ाने के लिए आया था। ग्रामीणों के मुुताबिक पढ़ाने आए शिक्षक ने एक कक्षा चार की छात्रा से अश्लील हरकत कर डाली। स्कूल से छुट्टी होने के बाद छात्रा ने शिक्षक की हरकत को अपने परिजनों से बताया। शनिवार को स्कूल खुलने पर दर्जनों ग्रामवासी स्कूल में पहुंच गए। उन्होंने आरोपी शिक्षक की करतूत को बताते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। मुख्य अध्यापक ने ग्रामवासियों को किसी तरह से शांत किया। ग्रामवासियों ने मामले को लेकर स्कूल में ही पंचायत बैठा दी। उन्होंने स्कूल से तीनों शिक्षकों का स्थानांतरण करने की मांग की है। मामले को लेकर हंगामा होता रहा। ग्रामवासी शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाकर स्थानांतरण की मांग पर अड़े रहे। चर्चा है कि एक शिक्षक के साथ ग्रामीणों ने मारपीट भी की। सूचना पर बीईओ मौके पर पहुंचे। बीईओ के स्कूल पहुंचने पर ग्रामवासियों ने बीईओ से शिक्षकों का दूसरे स्कूल में तबादला करने की मांग की है। बीईओ सुभाष चंद्र ने मामले को बीएसए को सौंपने को कहा है। बीईओ के समझाने पर ग्रामवासी शांत हुए। आरोपी शिक्षक ने भी स्कूल के प्रधानाध्यापक व शिक्षामित्र पर पिछले दिनों में अश्लील हरकत करने की बात कही है। शिक्षकों के ऐसे व्यवहार को देखते हुए ग्रामवासियों ने स्कूल के स्टाफ के गांव से दूसरे स्कूल में भेजने को कहा है।
उधर, बीईओ सुभाष चंद का कहना कि ग्राम प्रधान ने उन्हें मामले की सूचना दी थी। जब वह पहुंचे तो स्कूल में हंगामा हो रहा था। शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए वह बीएसए को लिखेंगे। दूसरी ओर, बीएसए महेश चंद्र ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है वह पूरे प्रकरण की जांच करा कर सख्त कार्रवाई करेंगे।
दो गुटों में बंटे शिक्षक
गांव में शिक्षक पर अश्लील हरकत करने के मामले में ब्लॉक के शिक्षक भी दो गुटों में बंट गए। कुछ शिक्षकों ने आरोपी शिक्षक का पक्ष लिया तथा स्कूल के प्रधानाध्यापक व शिक्षामित्र के प्रेम प्रसंग की बात कही है, जबकि ग्रामीणों ने पूरे स्टाफ को ही गांव के स्कूल से हटाने को कहा है।