दिनभर बीएसए कार्यालय पर रही चहल पहल, निपटने लगे लंबित काम
बिजनौर। बीएसए महेश चंद्र को हाई कोर्ट से राहत मिलने के बाद शासन से भी राहत मिल गई है। शुक्रवार को बीएसए ने कार्यालय पहुंच कर कार्यभार ग्रहण कर लिया। दिनभर कार्यालय पर चहल पहल रही और लंबित काम भी निपटने लगे। मानदेय के कर्मचारियों के मानदेय का भुगतान होने की भी उम्मीद जग गई है।
बीएसए महेश चंद्र को शासन ने 27 नवंबर को एमडीएम के एक मामले में निलंबित कर दिया था। तभी से बीएसए छुट्टी पर चले गए थे। बाद में उन्हें कोर्ट राहत मिल गई थी। कोट के से राहत मिलने पर बीएसए ने शासन को अर्जी दी थी। बृहस्पतिवार को बीएसए महेश चंद्र को शासन से राहत मिल गई। शुक्रवार को बीएसए ने कार्यालय पहुुंच कर कार्यभार ग्रहण कर लिया। बीएसए के आते ही बीएसए कार्यालय में चहलपहल लौट आई। एक महीने से लंबित पडे़ काम भी निपटने लगे। दिनभर कर्मचारी व अधिकारी कार्यालय पर लंबित फाइलें निपटाने मेें लगे रहे। बीएसए के काम पर लौटने से मानदेय का इंतजार कर रहे चार हजार कर्मचारियों के मानदेय का भुगतान होने की उम्मीद भी जग गई है। मानदेय कर्मचारियों में कंप्यूटर आपरेटर, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के शिक्षकों, शिक्षा मित्रों, जिला समन्वयक के मानदेय का भुगतान नहीं होने से कर्मचारी परेशान थे। अनुदेशक वेलफेयर एसोसिएशन के वरिष्ठ नेता देवेंद्र पाल सिंह व मुकुल सिंह ने मानदेय का भुगतान जल्द कराने की मांग की है।