बिजनौर । जिले में शरदकालीन गन्ने का रकबा करीब चार हजार हेक्टेअर बढ़ा है। अर्ली वैरायटी का रकबा बढ़कर 98 प्रतिशत से अधिक हो जाएगा। अगले सीजन में जिले में गन्ने के उत्पादन में वृद्धि दो शुगर मिल की पेराई क्षमता के बराबर हो जाएगी। गन्ना विभाग ने अभी से ही शुगर मिलों को अगले साल अपनी पेराई क्षमता बढ़ाने के लिए हिदायत देनी शुरू कर दी है।
य डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार पेराई सत्र 2016-2017 में शरदकालीन गन्ने का रकबा 5,024 हेक्टेअर था। अर्ली वैरायटी का रकबा करीब 93 प्रतिशत था। विभाग ने अर्ली वैरायटी का रकबा बढ़ाने के लिए अभियान चलाया। इससे पेराई सीजन में शरदकालीन गन्ने की बुवाई का रकबा 9,038 हेक्टेअर हो गया है। शरदकालीन गन्ने का रकबा बढ़ने से गन्ने की पैदावार अगले पेराई सत्र में पिछले साल के मुकाबले दो शुगर मिलों की क्षमता के बराबर बढ़ जाने का अनुमान है। अर्ली वैरायटी का रकबा भी पांच प्रतिशत बढ़कर 98.5 प्रतिशत हो जाएगा। अगले सीजन में शुगर मिल इस साल के मुकाबले पहले चलेंगी। गन्ने की पैदावार बढ़ोतरी को देखते हुए शुगर मिलों की क्षमता बढ़ाया जानी जरूरी है। विभाग अभी से ही इस काम में जुट गया है। अगले साल सहकारिता क्षेत्र की शुगर मिल नजीबाबाद की पेराई क्षमता भी दोगुनी हो जाएगी। निजी क्षेत्र की शुगर मिलों को भी अभी से ही क्षमता वृद्धि करने के दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं।
अर्ली वैरायटी का रकबा बढ़ने से किसान को होगा दोहरा फायदा
बिजनौर। जिले में अर्ली वैरायटी का रकबा बढ़ने से शुगर मिलों की रिकवरी पर भी असर पड़ा है। तीन दिसंबर को जिले की चार शुगर मिलों की आनडेट रिकवरी भारत में पहले तीन स्थानों पर आ गई है। बूंदकी शुगर मिल की रिकवरी 11.48 प्रतिशत, धामपुर और नजीबाबाद की शुगर मिल 11.35 प्रतिशत और बहादरपुर शुगर मिल की रिकवरी 11.30 हो गई है। शरदकालीन गन्ने और अर्ली वैरायटी का रकबा बढ़ने से शुगर मिल अगले साल जल्दी पेराई शुरू करेंगी। इससे ज्यादा क्षेत्रफल में खेत खाली होंगे। गेहूं की बुवाई अधिक होगी। किसान को दोहरा लाभ मिलेगा।