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वार्ड-27 की जिला पंचायत सदस्य का अपहरण

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जिला पंचायत सदस्य पति व इनके चार साथियों पर आरोप
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परिजनों ने पुलिस अधीक्षक से की बरामदगी एवं कार्रवाई की मांग

अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
जिला पंचायत की कुर्सी के लिए चल रही उठा पटक के बीच वार्ड-27 की जिला पंचायत सदस्य का अपहरण कर लिया गया। आरोप सदस्य पति व इनके चार साथियों पर लगाया गया है। पूछने पर जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए जान से मरवा देने की धमकी दी गई है। जिला पंचायत सदस्य के ससुर ने ग्रामीणों संग एसपी से मिल कर पुत्रवधू की बरामदगी एवं आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की।
प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद से जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लाक प्रमुखों को अविश्वास मत प्रस्ताव के जरिए हटाया जा रहा है। रामपुर समेत कई जिलों में कुर्सी बदली जा चुकी है। अपने जिले में गजरौला निवासी जिला पंचायत सदस्य पति अविश्वास मत प्रस्ताव के जरिए खुद की पत्नी को अध्यक्ष की कुर्सी पर विराजमान करने के प्रयास में जुटा है। इसी उठा पटक के बीच धनौरा थाना क्षेत्र निवासी जिला पंचायत सदस्य बीरवती का अपहरण कर लिया गया। बीरवती के देवर की तरफ से अध्यक्ष पति सरजीत सिंह समेत चार के खिलाफ सदर कोतवाली में अपहरण का अभियोग दर्ज कराया गया। अभी बीरवती को पुलिस बरामद नहीं कर पाई है। इसी बीच तीन जुलाई की दोपहर वार्ड-27 से सदस्य अंजू भारती पत्नी प्रमोद का अपहरण कर लिया गया। आरोप जिला पंचायत सदस्य पति व इनके चार साथियों पर ही है। जिला पंचायत सदस्य के ससुर नत्थू सिंह निवासी पतेई खालसा ने ग्रामीणों संग बृहस्पतिवार की दोपहर पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्र से मिल कर पुत्रवधू जिला पंचायत सदस्य की बरामदगी एवं आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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इस तरह किया गया था अपहरण
बृहस्पतिवार को जिला पंचायत सदस्य के ससुर नत्थू सिंह पुलिस कार्यालय पहुंचे। यहां एसपी संतोष कुमार मिश्र से मिल कर गुहार लगाते हुए कहा कि तीन जुलाई की दोपहर 12 बजे का वाकया है। वह और उसका बेटा प्रमोद, पुत्र वधू जिला पंचायत सदस्य अंजू भारती घर में थे। इसी दौरान दो गाड़ियां लेकर एक जिला पंचायत सदस्य पति अपने चार साथियों को लेकर आए। सभी असलाह से लैस थे। जिला पंचायत की मीटिंग बताकर अंजू भारती व इसके दो बच्चों को गाड़ी में बैठाकर ले गए। शाम तक वापस भेजने की बात कह कर गए थे। लेकिन वापस नहीं लौटे। अगले दिन फोन पर पूछने पर जिला पंचायत सदस्य पति ने गाली गलौच करते हुए धमकी दी कि मेरा साथ नहीं देने पर जान से मरवा दूंगा। जाति सूचक शब्दों के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया। डिडौली कोतवाली पुलिस से संपर्क किया, मगर पुलिस ने नहीं सुनी।
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