नमामि गंगे के नाम पर हवा में हो रहा पौधरोपण
बिजनौर। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य कुलमणि त्यागी ने नमामि गंगे के नाम पर हो रहे पौधरोपण खर्च को शासन की धनराशि की बंदरबांट करने का आरोप लगाया है। इस मामले की जांच कराने की मांग की गई है।
मंगलवार को मुख्यमंत्री को भेजे प्रार्थना पत्र में कुलमणि त्यागी ने बताया कि वर्तमान में शासन द्वारा गंगा शुद्धीकरण कराकर गंगा किनारे पौधरोपण के नाम पर लाखों रुपये की धनराशि पानी की तरह बहाई जा रही है। इससे जनता का पैसा बर्बाद हो रहा है। उन्होंने बताया कि वन विभाग, सिंचाई विभाग, उद्यान विभाग, मत्स्य विभाग द्वारा प्रतिवर्ष उत्तर प्रदेश में गंगा नदी के किनारे अरबों रुपये प्रतिवर्ष खर्च किए जा रहे हैं। आरोप है कि लगभग दस प्रतिशत छोड़कर बाकी रकम संबंधित अधिकारी को वापस की जा रही है। उच्चाधिकारियों के दौरों पर आने पर केवल फाइलों में ही साफ सफाई और पौधरोपण दिखा दिया जाता है। जबकि धरातल पर हकीकत में कोई कार्य नहीं हुआ रहता है। कहा कि अगर गंगा नदी के निकटवर्ती जनपदों का विगत दस वर्षों का भी आंकलन किया जाए तो कई 100 अरब रुपये का घोटाला सामने आएगा। इसके अलावा गंगा नदी के किनारों पर वर्तमान में तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी, सब्जी, गन्ना गेहूं, मक्का आदि व्यवसायिक खेती को निकटवर्ती वन विभाग, सिंचाई विभाग, मत्स्य विभाग आदि गरीब भूमिहीन लोगों को देकर खेती करवाई जा रही है। इनके द्वारा प्राकृतिक रूप से उगे पौधों को भी उखाड़कर अत्यधिक कीटनाशक डालकर नष्ट किया जाता है। इस काम में करोड़ों रुपये नष्ट होता है।