धामपुर। महिला आर्य समाज की कार्यकर्ताओं की ओर से मंगलवार को आर्य समाज मंदिर में 21 जनवरी से निरंतर चल रहे माघ यज्ञ कार्यक्रम को पूूर्ण आहुतियों के साथ संपादित किया गया। इस मौके पर विदुषी आचार्य सविता आर्या ने कहा कि दुनिया में मां ही संस्कार कार्यशाला की पहली गुरु होती है। हम सभी का दायित्व बनता है कि अपने बच्चों को संस्कारित करें, जिससे हमारा समाज और देश पुरातन संस्कृति पर तेजी से बढ़ता रहेगा। हम लोगों को पाश्चात्य संस्कृति को कतई नहीं अपनाना है। इस मौके पर महिला श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुतियां देकर समाज की खुशहाली की कामना की। महर्षि दयानंद के बताए आदर्शों पर चल कर समाज सेवा का संकल्प ग्रहण किया। ब्रह्मचारिणी आचार्य नीतू आर्य, ओजस्वी व प्रज्ञा ने भजन कीर्तन के माध्यम से आर्य समाज मंदिर का वातावरण धर्ममय बना दिया। कार्यक्रम के अंत में महिलाओं ने शहीदों को नमन करते हुए दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति को ईश्वर से प्रार्थना कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में अरुणा कुमारी शर्मा, कौशल्या देवी, सरोज अग्रवाल, पुष्पा शर्मा, दया गर्ग, लक्ष्मी गहलोत, प्रभा चौहान, सुनीता गोयल, कुसुम अग्रवाल, अनुजा अग्रवाल, अरुण शर्मा, सत्येंद्र शर्मा रहे।