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कर्बला की आराजी को लेकर कासमपुरगढ़ी में दो समुदाय आमने सामने, शांति व्यवस्था को पुलिस तैनात

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कासमपुरगढ़ी में दो समुदाय भिड़े
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कासमपुरगढी। संपत्ति पर कब्जे का विवाद सुलझा नहीं था कि अब कर्बला की संपत्ति को लेकर दो समुदाय आमने सामने आ गए। एक समुुदाय के लोग कर्बला की जमीन पर कब्जे का प्रयास कर रहे थे। तो विशेष समुदाय के लोगों ने विरोध कर एसडीएम से शिकायत कर दी। एसडीएम के आदेश पर मौके पर पहुंची पुलिस ने कब्जे के प्रयास को विफल कर दिया। शांति व्यवस्था को गांव में पुलिस तैनात कर दी। एसडीएम ने नायब तहसीलदार के निर्देशन में जांच कमेटी का गठन करने की बात कही।
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गांव के विशेष समुदाय के लोगों का कहना है कि देश में जब जमीदारी की प्रथा थी। उस दौरान जमीदार रियासत के लोगों को प्रसन्न करने को जमीनों को स्कूलों, मंदिरों, ताजियों को दफनाने, कब्रिस्तान, श्मशान घाट के स्थानों आदि के लिए दान स्वरूप दे देते थे। इस बीच कुछ लोगों ने उन आराजियों को राजस्व अभिलेखों में दर्ज करा लिया। मगर कुछ लोग इन जमीनों को राजस्व अभिलेखों में दर्ज करा पाने में अक्षम रहे। ठीक ऐसा ही कासमपुरगढ़ी में कर्बला की जमीन पर हुआ है। ये जमीन कर्बला की आराजी है। परंतुु इस आराजी की जमीन को लेकर दो समुदाय आमने सामने आ गए। एक समुदाय के लोग जमीन को अपनी बता कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। जबकि विशेष समुदाय के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। विशेष समुदाय के लोगों का कहना है कि ये जमीन उनकी है। इस जमीन पर कब्जा किसी भी हालत में नहीं होने दिया जाएगा। एसडीएम का कहना है कि मामले की गंभीरता को लेकर उनके स्तर से नायब तहसीलदार को जांच सौंपी गई है। कोतवाल को गांव में शांति व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी ने गांव की शांतिभंग करने का प्रयास किया तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। कानून किसी को हाथ में लेने की किसी को भी इजाजत नहीं दी जाएगी। गौरतलब है कि पिछले दिनों इस गांव में ताने बाने की आराजी की जमीन को लेकर विवाद हो गया था। हालांकि इस विवाद को प्रशासन अभी तक नहीं सुलझा पाया है।
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