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गन्ना सुरक्षण बैठक में नए सेंटरों का मामला उठा

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गन्ना सुरक्षण बैठक में नए सेंटरों का मामला गूंजा
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बिजनौर। शासन आगामी गन्ना पेराई सीजन की व्यवस्था बनाने में कोई कमी छोड़ना नहीं चाहता है। अब गन्ना पर्ची वितरण में गड़बड़ी रोकने के लिए किसानों को मोबाइल पर एसएमएस से ही पर्ची मिलेगी। फाइनल गन्ना कैलेंडर मिलने के बाद बांड में कोई संशोधन नहीं होगा। गन्ना सुरक्षण की बैठक में जिले के किसानों ने नये गन्ना सेंटर खोलने का मामला प्रमुखता से उठाया है। गन्ना सचिव राजेश मिश्र ने मुरादाबाद में हुई बैठक में मिलों की मरम्मत और संचालन की तिथि के संबंध मेें अधिकारियों की बैठक ली।
गन्ना सुरक्षण की बैठक में शामिल होकर लौटे जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार शासन को गन्ना पर्ची वितरण में गड़बड़ी की लगातार शिकायत मिल रही थी। आरोप है कि गांवों की दलगत राजनीति के चलते पर्ची गुम कर दी जाती हैं या फाड़ दी जाती हैं। पर्ची किसान तक नहीं पहुंचती। पर्ची वितरक गांव के किसी व्यक्ति को सारी पर्ची दे आता है। अब ऐसा नहीं होगा। समिति सचिव या वितरक कोई गड़बड़ी नहीं कर सकेगा। किसान को पर्ची उसके मोबाइल पर एसएमएस से भेजी जाएगी। इसे दिखाकर ही गन्ना डलेगा। इसलिए किसान सचिव या वरिष्ठ गन्ना विकास कार्यालय में जाकर अपना मोबाइल नंबर अभिलेख में आवश्यक रूप से दर्ज करा दें। यदि किसान के पास मोबाइल नहीं है तो परिचित का नंबर अंकित करा दें। जिला गन्ना अधिकारी के मुताबिक गन्ना सुरक्षण की बैठक में नूरपुर, नजीबाबाद, धामपुर, स्योहारा, बिजनौर व चांदपुर क्षेत्र के किसानों ने गन्ना आयुक्त के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि जिले में गन्ने का रकबा बढ़ा है। औसत पैदावार बढ़ने का अनुमान है। इससे गन्ना बढ़ेगा। चीनी मिल की संख्या पिछले साल के बराबर हैं। जिले में कोई नई चीनी मिल नहीं लगी है। मिलों की पेराई क्षमता नहीं बढ़ी है। इसलिए किसानों को गन्ना सुविधा के लिए सेंटर बढ़ाए जाएं। मौजूदा कुछ सेंटरों का विभाजन किया जाए।
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पासवर्ड गन्ना आयुक्त की जेब में
बिजहनौर। इस साल गन्ना कैलेंडर की चाबी गन्ना आयुक्त की जेब में रहेगी। गन्ना अधिकारियों व गन्ना माफियाओं की मनमानी नहीं चलेगी। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार किसानों को कच्चे कैलेंडर का वितरण कर दिया गया है। किसानों से कहा गया है कि वे कच्चे कैलेंडर में गन्ने का रकबा, प्रजाति, आधार कार्ड व राजस्व अभिलेख ठीक करा लें। शासन ने इसके बाद संशोधन प्रक्रिया जटिल कर दी है। फाइनल कैलेंडर मिलने के बाद संशोधन नहीं होगा। पासवर्ड गन्ना आयुक्त के पास होगा।
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विशेष सचिव करेंगे समीक्षा
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार जिले की चीनी मिल 15 अक्टूबर से चलेंगी। गन्ना सुरक्षण की बैठक में मिलों के संचालन का मामला उठा। चीनी मिलों की मरम्मत का स्टेटस लिया गया। बिजनौर व चांदपुर चीनी मिलों की मशीनों की मरम्मत की शिथिलता पर गन्ना आयुक्त सख्त थे।
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