स्वतंत्रता सेनानियों को गन्ना सप्लाई में मिला आरक्षण
बिजनौर। अब स्वतंत्रता सेनानियों व उनके आश्रितों का गन्ना सप्लाई में आरक्षण होगा। दोनों को पेराई सीजन में गन्ने का अधिक इंडेंट जारी किया जाएगा। साथ ही सैनिकों व भूतपूर्व सैनिकों को भी इतना ही सप्लाई आरक्षण मिलेगा। गन्ना विभाग ने शासनादेश मिलने के बाद चीनी मिल क्षेत्रवार व्यवस्था बनानी शुरू कर दी है। साथ ही शासन ने गलत तरीके से मिश्रित प्रजातियों का गन्ना सप्लाई करने वाले किसानों पर शिकंजा कस दिया है।
गन्ना विभाग के जिला अपर सांख्यिकी अधिकारी विकल भारती के अनुसार शासन ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों व उनके विधिक उत्तराधिकारियों को गन्ना सप्लाई में आरक्षण की सुविधा दी है। शासनादेश के मुताबिक दोनों को पेराई सीजन में अन्य किसानों के मुकाबले एक जनवरी से 20 प्रतिशत अधिक इंडेंट जारी होगा। इससे इनकी गन्ना सप्लाई अधिक होगी। यदि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के नाम जमीन व बांड नहीं है तथा माता-पिता के नाम बांड है तो आरक्षण की सुविधा माता-पिता को मिलेगी। भारती के अनुसार जिले में दो लाख 18096 हेक्टेयर जल्द पकने वाली प्रजाति व 2276 हेक्टेयर सामान्य प्रजाति का गन्ना है। शीघ्रता से पकने वाले गन्ने का मूल्य 325 रुपये प्रति क्विंटल तथा सामान्य प्रजाति के गन्ने का रेट 315 रुपये प्रति क्विंटल है। जांच में सामने आया है कि किसान ज्यादा रेट लेने के लिए जानबूझकर जल्द पकने वाली प्रजाति के गन्ने में सामान्य प्रजाति का गन्ना मिलाकर ले आते हैं । इससे विभाग को राजस्व का नुकसान होता है। अब विभाग की टीम छापेमारी करेगी। पकड़े जाने पर पेमेंट सामान्य प्रजाति के रेट से होगा। शासन ने छोटे किसानों को भी गन्ना सप्लाई में सुविधा दी है। चार पर्ची वाला या 60 क्विंटल गन्ना सप्लाई करने वाला किसान, लघु किसान की श्रेणी में माना गया है। लघु किसानों का पेड़ी गन्ना चीनी मिल चलने के 45 दिन व पौधा गन्ना एक फरवरी से 45 दिन के अंदर आवश्यक रूप से डल जाएगा। विभाग गन्ना आयुक्त के निर्देश के अनुपालन में व्यवस्था बनाने में लगा है।