अमरोहा। पांच साल से कम उम्र के दस फीसदी बच्चों की हर साल दस्त के कारण मौत हो जाती है। दस्त के कारण बच्चों की मौतों का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आंकड़ों के मुताबिक यह संख्या भारत में लगभग डेढ़ लाख सालाना है। बच्चों की असमय मौत के जिए जिम्मेदार इस भयंकर बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के मकसद से स्वास्थ्य विभाग 27 जुलाई से नौ अगस्त तक सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा मनाने जा रहा है।
बच्चों की जिन बीमारियों की वजह से मौत हो जाती है। उनमें दस्त की बीमारी दूसरे नंबर पर है। यही वजह है कि सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा कार्यक्रम प्रदेशभर में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य दस्त के कारण होने वाली बच्चों की मौतों को शून्य स्तर पर ले जाना है।
सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा कार्यक्रम की रणनीति में शामिल है
- बच्चों को दस्त के दौरान ओआरएस एवं जिंक को बढ़ावा देना
- बच्चों के अभिभावकों को दस्त से बचाव को साफ-सफाई के लिए प्रेरित करना
- मलिन बस्तियों में रहने वाले और अभावग्रस्त लोगों को दस्त की बीमारियों के प्रति जागरूक करना
- छोटे गांव व कस्बों में जागरूकता अभियान चलाना
पांच साल तक के बच्चे होंगे कार्यक्रम का लक्ष्य
अमरोहा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मंडल परियोजना प्रबंधक हुमैरा बिन सलमा ने बताया कि कार्यक्रम के तहत लोगों को बच्चों में होने वाली दस्त की बीमारी के प्रति जागरूक किया जाएगा। सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा कार्यक्रम में आशाएं घर-घर जाकर ओआरएस के पैकेट और जिंक की गोलियां बांटेंगी। ताकि पांच साल तक के बच्चों को दस्त की बीमारी से बचाया जा सके।