कालागढ़। सर्दी के मौसम में बारिश न होने से वनों को आग का खतरा पैदा हो रहा है। ऐसे में वनों को आग से बचाने की कवायद वन विभाग ने तेेेेजी से शुरू कर दी है। अधिकारियों ने वनों में फायर लाइन कटान के निर्देश दिए हैं।
मौसम के मिजाज में आए बदलाव के साथ ही इस बार सर्दियों की बारिश न होने से वन संपदा को आग का खतरा पैदा हो गया है। 15 फरवरी तक वनों में फायर लाइनों के कटान और फुकान का कार्य वन विभाग को कर लेना है। जिसके चलते अधिकारियों ने वनों में फायर लाइन कटान के निर्देश दिए है। जिसको लेकर अधिकारियों का दावा है कि वनों में फायर लाइन कटान का काम शुरू कर दिया गया है। कार्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक अमित वर्मा के अनुसार फायर लाइन कटान का काम सभी रेंज में चल रहा है। इस बार सर्दियों में होने वाली बारिश नही हुई है। जिससे वनों में आग का खतरा हो सकता है। जिसको लेकर पहले से ही वनों को आग से बचाने का काम शुरू हो गया है। उधर, कालागढ़ टाइगर रिजर्व के डीएफओ एके त्रिपाठी का कहना है कि जिला बिजनौर की सीमा से लगी पाखरो और मोरघाटी रेंज की फायर लाइन संवेदनशील है, आग अक्सर बाहरी क्षेत्र से वनों में पहुंचती है। वहां की फायर लाइनों का कटान सबसे पहली प्राथमिकता रही है। बाकी सभी रेंज में भी कटान का काम चल रहा है।
क्या है फायर लाइन
वनों में आग फैलने से रोकने के लिए कुछ रास्ते चिह्नित किए गए हैं। इनकी सफाई कर ली जाती है जिससे वनों में आग को फैलने से रोक दिया जाता है। उप निदेशक अमित वर्मा के अनुसार इन फायर लाइन की सफाई की जा रही है। 15 फरवरी से पहले यह काम कर लिया जाएगा। उसके बाद फायर सत्र शुरू हो जाएगा।
पर्वतों में लगी आग से वन विभाग चिंतित
कालागढ़ टाइगर रिजर्व के डीएफओ एके त्रिपाठी का कहना है कि इन दिनों पहाड़ी क्षेत्र में आग लगी होने से चिंता और अधिक है। हालांकि यहां आग की कोई घटना अभी नही है।