बढ़ापुर। भाकियू की बैठक में किसानों के कर्ज माफी के मसले पर सरकार की उपेक्षापूर्ण नीति की आलोचना की गई। किसानों ने बढ़ापुर ब्लॉक के पीएचसी बढ़ापुर में स्थित अस्थायी कार्यालय से ही ब्लॉक कार्य प्रारंभ कराने की मांग करते हुए कृषक समस्याओं के समाधान के लिए किसानों की एकजुटता पर बल दिया।
गांव इस्लामाबाद में हुई भाकियू की बैठक में यूनियन के मंडल अध्यक्ष चौधरी शूरपाल सिंह व जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार किसानों के प्रति उपेक्षापूर्ण रवैया अपना रही है। किसानों को उनकी फसलों का वाजिब दाम नहीं दिया जा रहा है। सरकार की किसानों के ऋण माफी का भी कोई लाभ नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की पूर्व सपा सरकार ने बढ़ापुर को ब्लॉक का दर्जा देकर ब्लॉक का निजी भवन बनने तक बढ़ापुर पीएचसी के खाली पड़े भवन में अस्थायी कार्यालय खोला था। उन्होंने इसी अस्थायी कार्यालय से ही ब्लॉक के कार्य संचालित करने की मांग करते हुए किसानों से एकजुट रहने का आह्वान किया। बैठक में वीर सिंह, पूर्व ग्राम प्रधान महेंद्र सिंह चौहान, विजेंद्र सिंह, निपेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह आदि ने भी कृषक समस्याएं रखीं।
वहीं हल्दौर ब्लॉक कार्यालय के ड्वाकरा हॉल में आयोजित भाकियू की मासिक पंचायत में ब्लॉक अध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बिलाई शुगर मिल द्वारा किसानों का बकाया गन्ना भुगतान शीघ्र न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। किसान नेता सुनील कुमार ने कहा कि अगर सरकार द्वारा बिजली की दरें बढ़ाने की कोशिश की गई तो यूनियन इसका विरोध करेगी। बैठक में हुकुम सिंह, मुनिदेव सिंह, राजेन्द्र सिंह, देवेंद्र सिंह, मलखान सिंह आदि मौजूद रहे। बैठक का संचालन धर्मेंद्र राणा ने किया।
उधर, कोतवाली देहात में आयोजित भाकियू की बैठक में किसानों ने कहा विद्युत दरों में वृद्धि की तो यूनियन बर्दाश्त नही करेगी। बिजली के जर्जर तारों को बदलने, नहरों में 12 महीने पानी छोड़नेे, पुलिस द्वारा किसानों से खनन पर परेशानी कर अवैध बसूली करने जैसी मुद्दे छाए रहे। चौधरी समर पाल की अध्यक्षता व सुशील कुमार के संचालन में आयोजित बैठक में चौधरी सुरपाल सिहं, नितिन सिरोही, अब्दुल गफफार, मंटू, दिपेश राठी, कामेश्वर त्यागी, जगपाल सिंह, बलजीत सिंह, मुनेश सिंह, रघुनाथ सिंह, अंकित आदि उपस्थित रहे।