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परिजनों को सौंपे झारखंड से लाए गए 12 किशोर

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नजीबाबाद के प्रेमधाम आश्रम में झारखंड के किशोरों को लेने पहुंची एएचटीयू टीम। - फोटो : NAZIBABAD
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परिजनों को सौंपे झारखंड से लाए गए 12 किशोर
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नजीबाबाद/बिजनौर। झारखंड से बाल मजदूरी के लिए लाए गए 12 किशोरों को प्रेमधाम आश्रम से एएचटीयू ने उनके परिजनों को सौंपा दिया। सभी किशोरों के चेहरे परिजनों को पाकर खुशी से खिल उठे।
जिला प्रशासन ने नूरपुर रोड से झारखंड से बाल मजदूरी के लिए लाए गए 12 किशोरों सहित 24 लोगों को 28 जून को नूरपुर में एक अभियान चलाकर मुक्त कराया था। मानव तस्करी विरोधी यूनिट एएचटीयू द्वारा मानव तस्करी एवं बाल श्रम अपराध के अंतर्गत मामला दर्ज कर तीन झारखंड और चार बिजनौर के अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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जिला प्रशासन के निर्देश पर बाल श्रम के लिए लाए गए 12 किशोरों को एक सप्ताह पूर्व प्रेमधाम आश्रम में रखा गया था। एएचटीयू टीम के अंकित राणा, रोहित कुमार, लोकेश सिंह के नेतृत्व में पहुंची बिजनौर पुलिस टीम शुक्रवार को प्रेमधाम आश्रम पहुंची। आश्रम के संचालक फादर बेनी तकेकरा, फादर लिंटो, नवीन घिल्डियाल ने झारखंड के किशोरों चंदन, छोटू कुमार, संदीप, राहुल, विपिन, धनंजय, शंकर, पवन, सुलेंद्र, छोटू, विकास, ब्रिजेश को एएचटीयू टीम, बाल संरक्षण अधिकारी रूपी गुप्ता, चाइल्ड लाइन बिजनौर के हवाले कर दिया। परिजनों से मिलकर झारखंड के किशोर खुशी से झूम उठे। मानव तस्करी से जुड़े मामले में प्रशासन द्वारा मुक्त कराए गए झारखंड के पवन, राहुल और छोटू ने बताया कि उन्हें कुछ लोग माता-पिता को गुमराह कर यहां लाए थे। उनकी कीमत 1200 रुपये से दो हजार रुपये तक चुकाई गई थी।
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