दीपावली नजदीक आते ही मिलावटखोर सक्रिय
बिजनौर। दीपावली का त्यौहार नजदीक आते ही मिलावट खोर सक्रिय हो गए हैं। वहीं, खाद्य सुरक्षा विभाग भी सक्रिय हो गया है। अफसरों के अनुसार जल्द ही अभियान की शुुुरुआत कर दी जाएगी। इसके लिए दो टीम का गठन किया गया। विशेषकर दूध तथा दूध से बने पेय एवं खाद्य पदार्थों की प्राथमिकता के आधार पर जांच की जाएगी।
सात नवंबर को दीपावली का त्यौहार है। इसे लेकर लोगों में बड़ा उमंग और उत्साह रहता है। इस त्यौहार पर दूध और दूध से बने खाद्य और पेय पदार्थों की डिमांड बढ़ जाती है। इस दौरान मिठाई का सर्वाधिक मात्रा मेें प्रयोग किया जाता है। दूध और दूध से बने अधिकांश पेय और खाद्य पदार्थों में मिलावट होने की आशंका रहती है। दीपावली पर मिठाई बनाने वाले मिलावट खोर सक्रिय हो गए हैं। ऐसे लोगों की नकेल कसने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग भी एलर्ट हो गया है। अफसरों के मुताबिक जिले मेें एक दो दिन मेें छापामार अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए दो टीम का गठन किया गया है। एक टीम में पांच तथा दूसरी में चार सदस्य रहेंगे। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेपी सिंह के अनुसार दीपावली पर बाजार में बिकने वाली मिठाई आदि पदार्थों में मिलावट का अंदेशा रहती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए एक दो दिन में अभियान चलाया जाएगा। साथ ही खिलौना मिठाई में प्रयुक्त होने वाले रंग की गहनता से जांच की जाएगी। बताया कि दीपावली जैसे बड़े त्योहारों पर सीजन में मिलावट खोर सक्रिय हो जाते हैं। ये लोग मानकों को दरकिनार कर बड़े पैमाने पर मिलावट करते हैं।
नकेल कसने के लिएदो टीम गठित
मिलावटी सामान पर ब्रेक लगाकर मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए दो टीम का गठन किया गया है। टीम के सदस्य जिले भर में घूमकर कई प्रतिष्ठानों से खाद्य और पेय पदार्थों के नमूने लेंगे।
दूध तथा दूध से बने पदार्थों पर रहेगा फोकस
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेपी सिंह के अनुसार अभियान का मुख्य एजेंडा दूध और दूध से बने खाद्य एवं पेय पदार्थों जैसे खोया, पनीर, मावा दही आदि पर रहेगा।
खिलौना मिठाई में डाल देते हैं रंग
अफसरों के अनुसार खिलौना मिठाई में कुछ लोग रंग डालते हैं। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। साथ ही वर्गयुक्त मिठाई में भी लोग नकली वर्गलगाकर मिठाई बेचते हैं।